स्ट्रीट लाइट और सफाई में सुधार की जरूरत.

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झांसी को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना लोगों को बहुत भाया. नई सड़कें, सजावट और हर गली में रोशनी की उम्मीद ने शहरवासियों को उत्साहित किया. शुरुआत में स्ट्रीट लाइटें चमकीली दिखीं और लोगों ने राहत महसूस की. लेकिन समय के साथ कई लाइटें खराब हो गईं, कुछ दिन में जलती और रात में बंद रहती हैं. गलियों में अंधेरा लौट आया और लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई. स्मार्ट सिटी का असली मतलब सिर्फ नया बोर्ड नहीं, बल्कि जमीन पर स्थायी बदलाव और सुविधाओं का सही संचालन है. शहरवासियों की उम्मीद है कि झांसी की हर गली रोशन और सुरक्षित बने.

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झांसी. को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना लोगों को बहुत अच्छा लगा था, सबको लगा था कि शहर साफ-सुथरा होगा, सड़कें सही होंगी और हर गली में रोशनी होगी. सरकार ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि झांसी बदल जाए. लोगों ने भरोसा किया और सोचा कि अब उनका शहर भी बड़े शहरों जैसा दिखेगा. शहर को सुंदर बनाने के लिए कई काम शुरू किए गए. नई सड़कें बनाई गई, दीवारों पर रंग किया गया और चौराहों को सजाया गया. सबसे ज्यादा ध्यान रात की रोशनी पर दिया गया, कहा गया कि हर सड़क पर नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी ताकि रात में भी दिन जैसा उजाला रहे. शुरुआत में जब लाइटें लगीं, तो लोगों को अच्छा लगा. कई जगह सच में तेज रोशनी दिखी, लोगों ने कहा कि अब रात में डर नहीं लगेगा. दुकानदार खुश हुए, राहगीरों को भी सहूलियत मिली ऐसा लगा कि पैसा सही जगह पर लगाया गया है.

समय बीतने के साथ तस्वीर बदलने लगी

कई जगह स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी दिखी. कुछ लाइटें दिन में जलती रहती हैं और रात में बंद रहती हैं. कई खंभों पर लाइट लगी है, पर वह जलती ही नहीं. लोग बार-बार शिकायत करते हैं, पर हर जगह जल्दी सुधार नहीं होता. कुछ गलियों में अंधेरा फिर से लौट आया है. रात में लोग संभल कर चलते हैं, बुजुर्ग और महिलाएं ज्यादा परेशान होती हैं. बच्चे भी अंधेरे में बाहर जाने से डरते हैं. लोग पूछते हैं कि जब इतना पैसा खर्च हुआ तो लाइट क्यों नहीं जल रही? स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ नया बोर्ड लगाना नहीं होता. स्मार्ट सिटी का मतलब है काम सही तरीके से चलना. जो लगाया गया है वह ठीक से काम करे, अगर लाइट खराब हो जाए तो उसे जल्दी ठीक किया जाए. अगर सड़क टूटे तो उसे जल्दी बनाया जाए, लोग चाहते हैं कि झांसी सच में बदले, सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर बदलाव दिखे. करोड़ों रुपये अगर पानी की तरह बहा दिए गए हैं, तो उसका फायदा भी दिखना चाहिए. हर गली में रोशनी हो, हर सड़क सुरक्षित हो, तभी लोग कहेंगे कि झांसी सच में स्मार्ट सिटी बनी है. स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक किया जाएगा.

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Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

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