इंटरनेट था स्लो, टीवी बार-बार कर रहा था बफरिंग, इतनी सी बात पर 15 साल के नाराज भतीजे ने चाची को मार डाला
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महाराष्ट्र के वसई में स्मार्ट टीवी की स्लो बफरिंग और डांट से नाराज 15 वर्षीय किशोर ने अपनी 60 वर्षीय चाची की बांस के डंडे से हत्या कर दी.आरोपी ने दोस्त की मदद से शव को सोफा-कम-बेड में छिपा दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल तोड़ दिए. पुलिस ने बाथरूम की खिड़की के रास्ते घर में घुसकर शव बरामद किया और दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है.

पुलिस मामले की जांच कर रही है.
महाराष्ट्र के वसई से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने, जहां महज एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया. एक 15 वर्षीय किशोर ने अपनी ही 60 वर्षीय चाची, दुर्गा बनसोड की बेरहमी से हत्या कर दी. यह सनसनीखेज घटना रविवार रात की है. आरोपी किशोर अपनी चाची के साथ ही रहता था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके एक दोस्त को हिरासत में लिया है.
वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका की बेटी ने बोइसर से अपनी मां को फोन किया. बार-बार कॉल करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह घबरा गई. दरअसल, आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से मृतका के दोनों मोबाइल फोन तोड़ दिए थे. बेटी ने तुरंत अपने भाई को फोन कर मां का हाल जानने को कहा. जब बेटा घर पहुंचा तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था. खिड़की से झांकने पर उसे फर्श पर खून से लथपथ मां के पैर दिखाई दिए.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. घर अंदर से पूरी तरह लॉक था और दरवाजों को पेचकस से जाम किया गया था. पुलिस टीम को घर में घुसने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. करीब तीन घंटे के ऑपरेशन के बाद बाथरूम की खिड़की के स्लैब हटाकर पुलिस अंदर दाखिल हुई. घर का नजारा भयावह था. बुजुर्ग महिला का सिर बांस के डंडे से कुचला गया था और फर्श पर चारों तरफ खून फैला हुआ था.
हत्या की वजह और पुलिस कार्रवाई
हत्या के पीछे का मुख्य कारण क्या था?
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. स्मार्ट टीवी के धीमे चलने (बफरिंग) को लेकर विवाद शुरू हुआ था. चाची ने भतीजे को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी जिससे नाराज होकर उसने डंडे से हमला कर दिया.
आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए क्या किया?
आरोपी ने अपने 15 वर्षीय दोस्त को बुलाकर शव को सोफा-कम-बेड के अंदर छिपा दिया. उन्होंने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन तोड़ दिए और दरवाजे अंदर से लॉक कर दिए.
पुलिस को भतीजे पर शक कैसे हुआ?
जांच के दौरान किशोर काफी घबराया हुआ था. वह बार-बार अपना चेहरा छिपा रहा था और उसी कमरे की ओर देख रहा था जहां शव छिपाया गया था. उसकी संदिग्ध हरकतों ने पुलिस का काम आसान कर दिया.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें