Ramadan Mubarak: सऊदी अरब में दिखा चांद, बुधवार से इबादत का महीना शुरू; भारत में कब है पहला रोजा?
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Ramzan date in India: सऊदी अरब में आज यानी मंगलवार 17 फरवरी 2026 को रमजान का चांद नजर आ गया है. अब 18 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा. मक्का और मदीना समेत सभी मस्जिदों में आज रात से तरावीह की नमाज शुरू हो गई है. खाड़ी देशों में रमजान के आगाज के बाद अब भारत में बुधवार को चांद देखे जाने की संभावना है.

सउदी में चांद दिखने के साथ रमजान का महीना शुरू.
इबादत और बरकतों का पवित्र महीना रमजान कल से शुरू होगा. सऊदी अरब में आज शाम चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है. इसके साथ ही इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार शाबान का महीना समाप्त हो गया और रमजान 1447 हिजरी का आगाज हो गया है. सऊदी अरब में आज रात से मस्जिदों में विशेष तरावीह की नमाज शुरू हो रही है और बुधवार, 18 फरवरी 2026 को वहां पहला रोजा रखा जाएगा. सऊदी अरब के आधिकारिक बयान के मुताबिक, देश के विभिन्न हिस्सों में चांद देखे जाने की गवाहियां दर्ज की गई हैं. रमजान 1447 हिजरी का चांद मंगलवार शाम को देख लिया गया है. लिहाजा बुधवार 18 फरवरी रमजान का पहला दिन होगा. इससे पहले रविवार को सऊदी अरब में देशभर के नागरिकों से चांद देखने की अपील की गई थी. चांद की तस्दीक होते ही मक्का की मस्जिद-अल-हराम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी समेत तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में तरावीह की नमाज की तैयारियां मुकम्मल कर ली गईं.
भारत में कब हो सकता है पहला रोजा?
सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद अब भारत में पहले रोजे को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है. आमतौर पर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में सऊदी अरब के एक दिन बाद चांद नजर आता है.
- संभावित तारीख: यदि भारत में बुधवार, 18 फरवरी 2026 की शाम को चांद नजर आता है, तो भारत में पहला रोजा गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को रखा जाएगा.
- चांद का दीदार: भारत की विभिन्न हिलाल कमेटियां बुधवार शाम को बैठक करेंगी और चांद दिखने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी.
रमजान 2026 (सवाल-जवाब)
प्रश्न 1: सऊदी अरब में रमजान 2026 का पहला रोजा कब है?
प्रश्न 2: भारत में रमजान 1447 का पहला रोजा कब हो सकता है?
प्रश्न 3: तरावीह की नमाज कब से शुरू हो रही है?
प्रश्न 4: रमजान के महीने में रोजा रखने का क्या महत्व है?
प्रश्न 5: क्या भूलवश कुछ खाने से रोजा टूट जाता है?
नहीं, अगर कोई रोजेदार भूलकर या अनजाने में कुछ खा या पी लेता है, तो उसका रोजा नहीं टूटता। याद आते ही फौरन खाना बंद कर देना चाहिए और रोजा पूरा करना चाहिए।
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें