PM Modi-President Macron Mumbai Meet: 21 Major India-France Agreements Explained | मुंबई में मोदी-मैक्रों का धमाका: 21 समझौतों से हिल गई दुनिया, अब भारत में बनेंगे फ्रांस के हेलीकॉप्टर

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यहीं बनेंगे फ्रेंच हेलीकॉप्टर, डिफेंस से AI तक… भारत-फ्रांस के बीच 21 समझौते

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India France Agreements: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मुंबई में हुई मीटिंग में 21 अहम समझौते हुए. मैक्रों के इस दौरे ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ में बदल दिया है. इसमें डिफेंस, AI, क्लीन एनर्जी और स्टार्टअप्स पर खास फोकस रहा, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने में मदद करेंगे.

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यहीं बनेंगे फ्रेंच हेलीकॉप्टर, डिफेंस से AI तक… भारत-फ्रांस के बीच 21 समझौतेZoom

मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी की मुलाकात. (PTI Photo)

मुंबई: भारत और फ्रांस की दोस्ती एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है. मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई ऐतिहासिक मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में कुल 21 बड़े समझौतों और फैसलों पर मुहर लगी है, जो डिफेंस से लेकर स्पेस और क्लीन एनर्जी तक फैले हुए हैं. दोनों देशों ने अपनी पार्टनरशिप को अब ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का नाम दिया है. यह सिर्फ एक समझौता नहीं है, बल्कि अगले कई दशकों के लिए विकास का एक नया ब्लूप्रिंट है. इस मीटिंग का सबसे बड़ा मैसेज यह है कि भारत अब ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में फ्रांस जैसे शक्तिशाली देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है.

स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप से भारत को क्या मिलेगा?

भारत और फ्रांस ने अपने रिश्तों को अपग्रेड करके ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ में बदल दिया है. इसका मतलब है कि अब दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का और भी मजबूती से साथ देंगे. शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए दोनों देशों ने ‘रोडमैप होराइजन 2047’ पर काम करने का फैसला लिया है. इसके अलावा, हर साल विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत होगी ताकि समझौतों की प्रोग्रेस को चेक किया जा सके. यह साझेदारी युवाओं के लिए भी बहुत खास है. इसके तहत एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और मोबिलिटी पर फोकस किया जाएगा. भारत-फ्रांस ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ की शुरुआत भी की गई है, जिससे स्टार्टअप्स को फ्रांस के रिसर्च ईकोसिस्टम तक पहुंचने का मौका मिलेगा.

मोदी-मैक्रों की मुंबई में मुलाकात. (PTI Photo)

डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत को कितनी ताकत मिलेगी?

रक्षा के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते गेम-चेंजर साबित होने वाले हैं. कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि है. यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती देगा और देश के एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ताकत देगा. इससे न केवल भारतीय MSMEs को फायदा होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. डिफेंस को-ऑपरेशन के तहत अब दोनों देश डिफेंस प्लेटफॉर्म्स का मिलकर डिजाइन और डेवलपमेंट करेंगे. इसके अलावा, भारत और फ्रांस की थल सेनाओं के बीच अधिकारियों की ‘रेसिप्रोकल डिप्लॉयमेंट’ का फैसला भी लिया गया है, जो मिलिट्री लेवल पर इंटर-ऑपरेबिलिटी को बढ़ाएगा.

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