एआई सेक्टर में भारत में होने वाला बड़ा निवेश, अश्विनी वैष्णव ने किया खुलासा
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AI Impact Summit 2026- एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगले दो सालों में भारत के एआई इकोसिस्टम में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश आने की उम्मीद है. यह निवेश एआई के सभी पांच लेयर्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूट, डेटा, मॉडल्स और एप्लीकेशंस को कवर करेगा.

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी.
नई दिल्ली. एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगले दो सालों में भारत के एआई इकोसिस्टम में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश आने की उम्मीद है. यह निवेश एआई के सभी पांच लेयर्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूट, डेटा, मॉडल्स और एप्लीकेशंस को कवर करेगा. वैष्णव ने एआई को ‘पांचवीं औद्योगिक क्रांति’ बताया और कहा कि यह बड़े पैमाने पर समस्याओं को हल करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा.
वैष्णव ने एआई मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की. इसमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट, इनोवेशन, एआई का अधिक से अधिक इस्तेमाल, कॉमन कंप्यूट क्षमता बढ़ाना और टेक्नोलॉजी को सभी के लिए आसान बनाना शामिल होगा. उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के टॉप 3 एआई देशों में शामिल हो गया है.
डीपफेक के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए वैष्णव ने कहा कि समाज की सुरक्षा के लिए सख्त नियम जरूरी हैं. इससे संबंधित इंडस्ट्री के साथ बातचीत शुरू हो गई है और जल्द ही मजबूत रेगुलेशन आएंगे, जिससे डीपफेक में लगाम लग सकेगा.
उन्होंने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, मेटा और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानून और संविधान करने की बात कही. वैष्णव ने एआई को ‘एआई का यूपीआई’ बनाने की बात कही. यह एमएसएमई, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में क्रांति लाएगा. सभी को राहत मिलेगी, उनका काम आसान हो जाएगा. सरकारी स्तर पर ऐसे सॉल्यूशंस तैयार होंगे जो फ्री और टेस्टेड होंगे, जिससे छोटे व्यवसायों, डॉक्टरों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि स्कूलों में एआई के गलत इस्तेमाल (मिसयूज) को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चल रहा है. एक साथ 2.5 लाख छात्रों ने एआई का दुरुपयोग न करने की शपथ ली है.
समिट में ग्लोबल साउथ के लिए भारत की बड़ी भूमिका पर जोर दिया गया. भारत पहला बड़ा एआई समिट ग्लोबल साउथ में होस्ट कर रहा है. ओपन, सस्ता और विकास-केंद्रित एआई सॉल्यूशंस विकास होगा, और भारत दुनिया का भरोसेमंद पार्टनर बनेगा.