इंजीनियर की नौकरी छोड़ शुरू किया शूटिंग, एशियन राइफल पिस्टल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
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Saharanpur news: यह जोश और जुनून उस समय का है जब किसी और को देश के लिए गोल्ड लाकर देश का नाम रोशन करते हुए देखा था और अंकुर की जिंदगी में इसकी शुरुआत 2015 में हुई. धीरे-धीरे मेडल आते चले गए तो हौसला भी बढ़ता चला गया और आज नेशनल और इंटरनेशनल मेडल की लंबी लिस्ट अंकुर गोयल के नाम है.
सहारनपुर: सहारनपुर के अंकुर गोयल के साथ जिन्होंने इंजीनियर बनने के बाद अपने शौक के लिए शूटिंग करना शुरू किया था. लेकिन उनको नहीं पता था कि उनका यही शौक देश की शान और उनकी जिंदगी बदल देगा. इसके बाद उन्होंने अपनी इंजीनियर की नौकरी छोड़कर शूटिंग में निशाना लगाना शुरू किया और आज वह सहारनपुर के ही नही देश के हीरो है.
हाल ही में उन्होंने एशियन राइफल पिस्टल चैंपियनशिप में गोल्ड जीत, ब्रॉन्ज मैडल जीतकर एक बार फिर से देश का नाम रोशन किया है. यह जोश और जुनून उस समय का है. जब किसी और को देश के लिए गोल्ड लाकर देश का नाम रोशन करते हुए देखा था और अंकुर की जिंदगी में इसकी शुरुआत 2015 में हुई. आज नेशनल और इंटरनेशनल मेडल की लंबी लिस्ट अंकुर गोयल के नाम है.
अंकुर के साथ पत्नी भी शूटर
नौकरी छोड़कर शुरू की शूटिंग
गोल्ड मेडलिस्ट अंकुर गोयल ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मैंने पहली बार 2014 में शूटिंग रेंज देखी थी. उससे पहले शूटिंग रेंज और गेम के बारे में बिल्कुल नहीं पता था. मैकेनिकल इंजीनियरिंग करके मैं मशीन डिजाइनर इंजीनियर था. एक दिन एक शूटिंग रेंज का बोर्ड लगा हुआ देखा और मैंने सोचा जब जॉब से फ्री होऊंगा तो शाम के समय गन चलाएंगे. शाम के समय में शूटिंग रेंज में गया और धीरे-धीरे जाते हुए काफी समय हो गया वहां के लोगों से मिला उस माहौल में ढला.
2015 में जॉब छोड़ दी
बताते हैं कि जब जॉब भी करनी थी लेकिन शूटिंग की वजह से मेरी जॉब बीच में ही रुक गई फिर 2015 में मैंने पूरे तरीके से जॉब छोड़कर पूरा समय शूटिंग को दिया. फिर मैंने ऑल ओवर इंडिया के प्री नेशनल कंपटीशन में भाग लिया जिसमें मेरे तीन मेडल आए, लगातार आ रहे हैं मेडल से हौसला बढ़ता चला गया. 2019 में मेरा नेशनल में पहला मेडल लगा और इस समय में भारतीय टीम में शामिल हुआ. जबकि मेरी वाइफ भी नेशनल शूटर है. मेरे अभी तक नेशनल लेवल स्तर के 26 मेडल है जबकि 4 नेशनल रिकॉर्ड और दो नेशनल रिकॉर्ड को मैंने खुद से ही ब्रेक किया. इससे पहले मै छह बार इंडिया को रिप्रेजेंट कर चुका हूं, चार बार वर्ल्ड कप और दो बार एशियाई चैंपियनशिप में. हाल ही में हुई एशियाई राइफल पिस्टल चैंपियनशिप में मेरे दो मेडल लगे हैं और बड़ा ही गर्भ महसूस होता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें