बिहार महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, ट्रॉफी प्लेट जीतकर एलीट ग्रुप में मचाया धमाल, वैभव सूर्यवंशी की तरह अपूर्वा भी चमकी

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Bihar senior Women Cricket Team: बिहार महिला टीम ने BCCI द्वारा आयोजित सीनियर महिला एकदिवसीय ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया. इस जीत के साथ ही टीम ने एलीट ग्रुप में जगह भी बना ली है. पूरे टूर्नामेंट में बिहार की बेटियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और अपने सभी मुकाबलों को बड़े अंतर से जीत हासिल की.

बिहार की महिला क्रिकेट टीम ने BCCI द्वारा आयोजित सीनियर महिला एकदिवसीय ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप के फाइनल मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए खिताब जीतकर सबको चौंका दिया है. इस शानदार जीत के साथ ही टीम ने एलीट ग्रुप में भी अपनी जगह पक्की कर ली है. टूर्नामेंट के दौरान बिहार की बेटियों ने हर मैच में बेहतरीन खेल दिखाया. सभी मुकाबलों में बड़े अंतर से जीत हासिल की. टीम इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और अपने दबदबे को साबित की.

बिहार की यह टीम कुल 15 खिलाड़ियों से बनी थी. इसे कप्तान प्रगति सिंह के नेतृत्व में तैयार किया गया. फरवरी के शुरुआती दिनों में टीम ने अपने सफर की शुरुआत की. 6 फरवरी से टूर्नामेंट के मुकाबले शुरू हुए, और बिहार की महिला क्रिकेट टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी टीमों को मात दी. इस दौरान मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम जैसी टीमों को हराकर बिहार ने प्लेट ग्रुप का खिताब अपने नाम किया. इससे साफ हो गया कि बिहार की बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं.

इस टूर्नामेंट में पूर्णिया की खिलाड़ी अपूर्वा कुमारी ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से सबका ध्यान खींचा. अपूर्वा ने प्लेट ग्रुप के 6 मैचों में कुल 351 रन बनाए, जिसमें उनकी 116 रनों की सर्वोच्च पारी भी शामिल रही. उन्होंने एक शतक और दो हॉफ सेंचुरी जड़ी. उनके बाद कप्तान प्रगति सिंह ने 340 रन बनाई. वैदेही यादव ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया. कुल मिलाकर, पूरे ग्रुप में सर्वाधिक रन बनाने की सूची में अपूर्वा सबसे आगे रही.

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अपूर्वा कुमारी ने सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी कमाल किया. उन्होंने 13 विकेट लिए और सबसे बेहतरीन इकोनॉमी रेट दिखाया. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 280 डॉट बॉल फेंकी, जो कि ग्रुप में सबसे ज्यादा थी. मेडेन ओवर फेंकने में भी अपूर्वा पूरे ग्रुप में सबसे आगे रही. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 17 मेडेन ओवर फेंके. इस तरह उन्होंने बैटिंग और बोलिंग दोनों में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और टीम को हर मुकाबले में जीत दिलाई. पूरे ग्रुप में हर लिस्ट में टॉप पर रहीं.

टीम की कप्तान प्रगति सिंह ने भी बल्लेबाजी में अपनी लीडरशिप दिखाई. उन्होंने एक ही मैच में 15 चौके और 2 छक्के लगाकर 126 रन बनाए. पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के और चौके उनके बल्ले से निकले. सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड भी प्रगति सिंह के नाम रहा, उन्होंने टूर्नामेंट में दो शतक जड़ी. उनकी इस काबिलियत के चलते टीम के बल्लेबाजी क्रम में मजबूती बनी रही.

वहीं, अन्य खिलाड़ियों ने भी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. वैदेही यादव ने कुल 173 रन बनाए और दो हॉफ सेंचुरी जड़ी. उन्होंने कुल 17 चौके लगाए और गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 विकेट हासिल किए. इसके अलावा एशिता सिंह, अक्षरा गुप्ता और रचना सिंह ने भी मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया.

बिहार की महिला और पुरुष टीम की उपलब्धियां: इस सीजन में बिहार की क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया. पुरुष टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी और कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन कर बिहार को एलीट ग्रुप में पहुंचाया. सीनियर महिला टीम ने एकदिवसीय वन डे टूर्नामेंट में बिहार को एलीट ग्रुप में पहुंचाया. इस तरह, इस सीजन में बिहार की टीम कुल चार ट्रॉफी जीतने में सफल रही. यह बिहार क्रिकेट की बदलती तस्वीर का सबूत है.

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