मिलावट साबित हुई तो मिलेगा 1 लाख इनाम!, कोडरमा में इस विधि से बन रहा देसी घी
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झारखंड के कोडरमा जिला स्थित झुमरी तिलैया में मिलावटखोरी के दौर के बीच शुद्ध देसी घी का दावा करने वाला एक अनोखा प्रतिष्ठान चर्चा में है. ‘यादव ऑर्गेनिक देसी घी’ नाम से शुरू इस पहल में संचालक मनोज यादव पारंपरिक बिलोना विधि से घी तैयार कर रहे हैं और इसकी शुद्धता पर इतना भरोसा जताते हैं कि किसी मान्यता प्राप्त लैब में मिलावट साबित होने पर 1 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है. बिना केमिकल और प्रिजर्वेटिव के तैयार यह घी अब स्थानीय ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. रिपोर्ट- ओम प्रकाश निरंजन
बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोग घी का सेवन तो कर रहे हैं. लेकिन बाजार में बढ़ती मिलावटखोरी के कारण शुद्ध और पोषक तत्वों से भरपूर घी मिलना एक बड़ी चुनौती बन गया है. कई बार घी खुशबूदार तो होता है. लेकिन उसमें आवश्यक पोषक तत्व नहीं होते. जिससे स्वास्थ्य को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता. इसी समस्या को देखते हुए कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित जवाहर टॉकीज मार्केट में यादव ऑर्गेनिक देसी घी नामक प्रतिष्ठान की शुरुआत की गई है. जो शुद्धता और भरोसे की एक नई मिसाल पेश कर रहा है.
इस प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दुकानदार द्वारा स्वयं तैयार किए गए घी की शुद्धता को लेकर खुला दावा किया गया है. संचालक मनोज यादव का कहना है कि यदि देश के किसी भी मान्यता प्राप्त लैब टेस्ट में उनके द्वारा तैयार घी में मिलावट की पुष्टि होती है. तो ग्राहक को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
लोकल 18 से विशेष बातचीत में यादव ऑर्गेनिक देसी घी के संचालक मनोज यादव ने बताया कि घी बनाने की यह कला उन्हें विरासत में मिली है. उनके दादा प्राचीन बिलोना तकनीक से घी तैयार करते थे. कुछ वर्ष पहले तक वह कॉन्ट्रैक्टर के अधीन काम करते थे. लेकिन एक दुर्घटना में पैर टूट जाने के बाद उन्होंने स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाया. इसी दौरान उन्होंने दादा की पारंपरिक बिलोना विधि को अपनाते हुए घर पर घी तैयार करना शुरू किया और इसे अपने परिचितों व कुछ चिकित्सकों को उपलब्ध कराया.
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घी के इस्तेमाल के बाद ग्राहकों ने इसके स्वाद, महक और गुणवत्ता की जमकर तारीफ की. ग्राहकों की संतुष्टि और सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने का हौसला दिया. इसके बाद उन्होंने किराए पर दुकान लेकर व्यवस्थित रूप से व्यवसाय शुरू किया. उन्होंने बताया कि बाजार में आमतौर पर दूध की छाछ या मलाई को तेज आंच पर जलाकर घी तैयार किया जाता है. जिससे कई जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. जबकि बिलोना एक प्राचीन तकनीक है. जिसमें पहले दूध से फैट अलग कर मक्खन बनाया जाता है और फिर मक्खन को नियंत्रित हाई फ्लेम पर गर्म कर घी तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया से घी में पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं.
फिलहाल यादव ऑर्गेनिक देसी घी द्वारा दो प्रकार के घी तैयार किए जा रहे हैं. जिसमें एंटीऑक्सीडेंट युक्त गाय का देसी घी, और कैलोरी युक्त भैंस का घी शामिल है. गाय का घी ₹1200 प्रति किलो और भैंस का घी ₹1100 प्रति किलो की दर से उपलब्ध है. दोनों की शुद्धता की पूरी गारंटी दी जाती है.
उन्होंने बताया कि बिना किसी केमिकल और प्रिजर्वेटिव के तैयार किया गया यह घी करीब 9 महीने तक पूरी तरह सुरक्षित रहता है. ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा एक खास व्यवस्था भी की गई है. यदि कोई ग्राहक 5 किलो घी खरीदता है, तो उसे सामने बैठाकर ताजा घी तैयार करके देने की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा 5 किलो तक की खरीदारी पर प्रतिष्ठान से 5 किलोमीटर की दूरी तक फ्री होम डिलीवरी की सुविधा भी दी जा रही है.
घी के अलावा यादव ऑर्गेनिक देसी घी द्वारा दूध से तैयार होने वाले अन्य शुद्ध खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. जिनमें पनीर, दही, मक्खन और पेड़ा शामिल हैं. ये सभी उत्पाद पूरी शुद्धता और पारंपरिक विधि से स्वयं तैयार किए जाते हैं. मनोज यादव ने बताया कि शादी-विवाह और बड़े आयोजनों के लिए भी शुद्ध ऑर्गेनिक घी की आपूर्ति का ऑर्डर लिया जाता है. इच्छुक लोग अधिक जानकारी या ऑर्डर के लिए मोबाइल नंबर 94307 56481 पर संपर्क कर सकते हैं.