A treasure trove of history in Gorakhpur, the ‘Gorakhnath Research Centre’ library of Deendayal Upadhyay Gorakhpur University

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Gorakhpur latest news : गोरखपुर विश्वविद्यालय के गोरखनाथ शोधपीठ की विशेष लाइब्रेरी नाथ संप्रदाय पर केंद्रित 4000 से अधिक दुर्लभ पुस्तकों और पांडुलिपियों का अनमोल संग्रह समेटे हुए है. यहां नाथ पंथ के साथ बौद्ध और अन्य आध्यात्मिक परंपराओं पर भी विस्तृत सामग्री उपलब्ध है. यह स्थान शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के लिए ज्ञान का खजाना साबित हो रहा है.

गोरखपुर: मंदिरों और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध गोरखपुर अब शोध और इतिहास प्रेमियों के लिए भी खास पहचान बना रहा है. गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित गोरखनाथ शोधपीठ की विशेष लाइब्रेरी में नाथ संप्रदाय पर 4000 से अधिक दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां संरक्षित हैं. यह स्थान शोधार्थियों और अध्यात्म में रुचि रखने वालों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है.

नाथ संप्रदाय पर केंद्रित अनोखी लाइब्रेरी
गोरखपुर विश्वविद्यालय के गोरखनाथ शोधपीठ की यह लाइब्रेरी अपने आप में अनूठी है. यहां उपलब्ध लगभग 4000 से अधिक पुस्तकें विशेष रूप से नाथ पंथ पर केंद्रित हैं. इन पुस्तकों में प्राचीन ग्रंथ, शोधपत्र, पांडुलिपियां और दुर्लभ दस्तावेज शामिल हैं. यह संग्रह नाथ संप्रदाय के इतिहास और दर्शन को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करता है.

हजारों वर्षों की परंपरा की झलक
इस लाइब्रेरी में संरक्षित दस्तावेज हजारों साल पुराने इतिहास की झलक दिखाते हैं. नाथ पंथ की साधना परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और सामाजिक प्रभाव से जुड़े अनेक पहलुओं का विस्तृत विवरण यहां मिलता है. शोधार्थी यहां बैठकर जब इन ग्रंथों का अध्ययन करते हैं तो उन्हें ऐसा अनुभव होता है जैसे वे इतिहास के पन्नों को स्वयं पलट रहे हों.

नाथ पंथ से बौद्ध परंपरा तक का विस्तार
इस लाइब्रेरी की एक और विशेषता यह है कि यहां केवल नाथ संप्रदाय ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े बौद्ध धर्म और अन्य आध्यात्मिक धाराओं से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध है. यह विविधता शोध को व्यापक आयाम देती है. अध्यात्म और दर्शन के तुलनात्मक अध्ययन के लिए यह स्थान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है.

शोध कार्यों की नई दिशा
लाइब्रेरी से जुड़े कुशलनाथ मिश्र बताते हैं कि नाथ संप्रदाय पर कई महत्वपूर्ण शोध कार्य वर्तमान में जारी हैं. आने वाले समय में नए दस्तावेज और शोध परिणाम सामने आएंगे, जो इस परंपरा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे. उनके अनुसार गोरखनाथ शोधपीठ अतीत की विरासत को सहेजने के साथ भविष्य के लिए नई ऐतिहासिक दिशा भी तय कर रही है.

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वातावरण
यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस है. शांत और अनुशासित माहौल, व्यवस्थित कैटलॉगिंग प्रणाली और शोध के अनुकूल वातावरण इसे शहर की एक हाईटेक लाइब्रेरी बनाते हैं. यहां आने वाले शोधार्थियों को अध्ययन के लिए आवश्यक संसाधन और सहयोग आसानी से उपलब्ध हो जाता है.

पर्यटकों और शोधार्थियों के लिए नया आकर्षण
गोरखपुर आने वाले पर्यटकों और अध्यात्म प्रेमियों के लिए यह लाइब्रेरी अब एक नई पहचान बन रही है. यहां दर्शन के साथ ज्ञान की साधना का अवसर मिलता है. जो लोग इतिहास, अध्यात्म और शोध में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह स्थान आदर्श है. नाथ संप्रदाय की जड़ों को समझने और गोरखपुर की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का यह एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.

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