Crow Cawing in Balcony Astrology Signs Explained। कौवे का बालकनी में आना किस बात का संकेत

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Crow Cawing Balcony: सुबह की चाय लेकर जैसे ही आप बालकनी में कदम रखते हैं, सामने रेलिंग पर बैठा एक कौआ लगातार कांव-कांव करने लगता है. पहले तो आप मुस्कुरा देते हैं, लेकिन जब यह सिलसिला रोज़ का हो जाए तो मन में सवाल उठना स्वाभाविक है क्या यह कोई संकेत है? घर के बुजुर्ग अक्सर कहते हैं, “कौआ यूं ही नहीं बोलता.” भारतीय परंपरा में कौए को सिर्फ एक पक्षी नहीं, बल्कि संदेशवाहक माना गया है. ज्योतिष शास्त्र और कागा शास्त्र में इसके व्यवहार का विस्तार से उल्लेख मिलता है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.

कागा शास्त्र में कौए का महत्व भारतीय ज्योतिष परंपरा में कौए का संबंध शनि ग्रह से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि शनि की कृपा या अप्रसन्नता के संकेत कौए के व्यवहार से समझे जा सकते हैं. कागा शास्त्र के अनुसार, कौए की आवाज़ की दिशा, समय, उसका पानी पीना या रोटी लेकर उड़ना इन सभी बातों का अलग-अलग अर्थ होता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग कौए की गतिविधियों को ध्यान से देखते हैं. कई परिवारों में श्राद्ध के दौरान सबसे पहले कौए को भोजन अर्पित किया जाता है. यह परंपरा इस विश्वास पर आधारित है कि कौआ यमराज का दूत है और पूर्वजों तक संदेश पहुंचाता है.

क्या मेहमान आने वाले हैं? अगर कोई कौआ आपकी बालकनी या छत पर बैठकर जोर-जोर से कांव-कांव करता है, तो लोकमान्यता के अनुसार यह घर में मेहमान आने का संकेत माना जाता है. खासकर सुबह के समय ऐसा हो तो लोग इसे शुभ समझते हैं. शहरों में रहने वाले कई लोग इसे संयोग मानते हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि ऐसी घटनाओं के बाद अचानक किसी रिश्तेदार या मित्र का आगमन सच में हो जाता है. यही वजह है कि यह मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है.

कागा शास्त्र में दिशा का विशेष महत्व बताया गया है. उत्तर और पूर्व दिशा दोपहर के समय यदि उत्तर दिशा में कौआ कांव-कांव करे तो इसे शुभ संकेत माना जाता है. यह आर्थिक लाभ या किसी अच्छी खबर का संकेत हो सकता है. इसी तरह पूर्व दिशा में कौए का बोलना भी सकारात्मक माना गया है.

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दक्षिण दिशा की चेतावनी अगर कौआ दक्षिण दिशा में बैठकर आवाज करे, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है. मान्यता है कि यह पितृ दोष या पूर्वजों की अप्रसन्नता की ओर इशारा कर सकता है. ऐसे में लोग पूजा-पाठ या दान करने की सलाह देते हैं.

यात्रा से पहले कौए का संकेत मान लीजिए आप किसी जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं और अचानक खिड़की या बालकनी पर कौआ आकर बोलने लगे. ज्योतिष मान्यता कहती है कि यह आपकी यात्रा के सफल होने का संकेत हो सकता है. कई लोग इसे आत्मविश्वास बढ़ाने वाला शुभ संकेत मानते हैं. हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि हर घटना को अंधविश्वास से जोड़ना ठीक नहीं. कई बार कौए सिर्फ भोजन या पानी की तलाश में आते हैं.

झुंड में कौए दिखें तो सावधान? यदि आपकी बालकनी में कौवों का झुंड इकट्ठा होकर शोर मचाने लगे, तो पारंपरिक मान्यता इसे चेतावनी के रूप में देखती है. कहा जाता है कि यह परिवार में तनाव, बीमारी या किसी विवाद का संकेत हो सकता है. लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो कौए बेहद सामाजिक और सतर्क पक्षी हैं. खतरा महसूस होने पर वे सामूहिक रूप से आवाज करते हैं. इसलिए हर स्थिति को शगुन-अपशगुन से जोड़ना जरूरी नहीं.

पानी पीता या रोटी ले जाता कौआ कागा शास्त्र में कौए को पानी पीते देखना शुभ माना गया है. कहा जाता है कि इससे धन लाभ या कार्य में सफलता मिलती है. यदि आप किसी काम के लिए निकल रहे हों और कौआ पानी पीता दिख जाए, तो इसे सकारात्मक संकेत समझा जाता है. इसी तरह यदि कौआ रोटी का टुकड़ा लेकर उड़ जाए, तो यह बड़ी मनोकामना पूर्ण होने का संकेत माना जाता है. ग्रामीण परिवारों में आज भी लोग सुबह-सुबह रोटी का एक टुकड़ा कौए के लिए अलग रखते हैं.

आस्था और तर्क के बीच संतुलन कौए से जुड़ी मान्यताएं भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं. वे हमारी परंपराओं, लोककथाओं और पारिवारिक अनुभवों में गहराई से रची-बसी हैं. लेकिन साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि प्रकृति के हर व्यवहार के पीछे वैज्ञानिक कारण भी होते हैं.

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