Isha Mahashivratri 2026, Bhavya Bharat Bhushan Awards । ईशा महाशिवरात्रि 2026 योग केंद्र में आयोजन, भारत भूषण सम्मान

Share to your loved once


होमफोटोधर्म

Isha Mahashivratri 2026: भव्य भारत भूषण पुरस्कारों से गूंजा उत्सव

Last Updated:

Isha Mahashivratri 2026: ईशा महाशिवरात्रि 2026 इस बार आध्यात्म और राष्ट्र निर्माण का अनोखा संगम बन गई. सद्गुरु और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली बार भव्य भारत भूषण पुरस्कार प्रदान किए. ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सशस्त्र बलों के अधिकारियों को सम्मानित किया गया. योगेश्वर लिंग महा अभिषेकम में लाखों लोगों ने भाग लिया. 150 मिलियन से अधिक दर्शकों तक यह आयोजन लाइव पहुंचा.

Isha Mahashivratri 2026: ईशा महाशिवरात्रि 2026 इस बार आध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की भावना का अद्भुत संगम बन गई. 15 फरवरी की रात तमिलनाडु स्थित ईशा योग केंद्र में हजारों श्रद्धालु जुटे, जबकि देश और दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने इसका सीधा प्रसारण देखा. इस भव्य आयोजन में सद्गुरु और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली बार भव्य भारत भूषण पुरस्कार प्रदान किए.

यह सम्मान उन असाधारण व्यक्तियों को दिया गया, जिन्होंने अलग अलग क्षेत्रों में देश के विकास और भविष्य निर्माण में अहम योगदान दिया है. महाशिवरात्रि की यह रात भक्ति, ऊर्जा, संगीत और ध्यान के साथ साथ देश सेवा के संकल्प की भी प्रतीक बनी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन और अन्य गणमान्य अतिथि भी इस आयोजन में मौजूद रहे. उनकी उपस्थिति ने इस आध्यात्मिक उत्सव को और विशेष बना दिया.

Add News18 as
Preferred Source on Google

इस वर्ष भव्य भारत भूषण पुरस्कार की शुरुआत करते हुए सद्गुरु ने कहा कि एक राष्ट्र सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि उसके लोग ही उसकी असली ताकत होते हैं. जब लोग प्रेरित और समर्पित होते हैं, तभी एक भव्य भारत का निर्माण संभव है.

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नंबी नारायण और किरण कुमार को सम्मानित किया गया. शास्त्रीय नृत्य में अलार्मेल वल्ली, संगीत में प्रसिद्ध वायलिन वादक एन राजम, इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में विक्रम संपत और खेल में साइना नेहवाल को इस सम्मान से नवाजा गया.

रक्षा श्रेणी में ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेवा देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित किया गया. इनमें वायु सेना के एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एवीएस राठी और नौसेना के वाइस एडमिरल आरवी गोखले शामिल रहे. यह सम्मान हमारे सशस्त्र बलों की मानवीय सेवा और दृढ़ कार्रवाई दोनों भूमिकाओं को सलाम करने का प्रतीक बना.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे सैनिक संकट के समय मानवीय सहायता देते हैं और जब कर्तव्य पुकारता है तो पूरी शक्ति से अभियान भी चलाते हैं.

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों की प्रेरणा हमारी संस्कृति और भगवान शिव से आती है. उन्होंने महाशिवरात्रि की रात को दिव्य अनुभव बताते हुए कहा कि यहां की ऊर्जा अपने आप में विशेष है.

इस बार एक ऐतिहासिक पहल के तहत सद्गुरु ने पहली बार योगेश्वर लिंग महा अभिषेकम किया. यह एक गहन आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें दुनिया भर से लाखों लोगों ने भागीदारी की. पांच मिलियन से अधिक लोगों ने इस मुफ्त आयोजन के लिए पंजीकरण कराया, जो अब तक के सबसे बड़े वैश्विक जुड़ावों में से एक माना जा रहा है.

रात भर ध्यान सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत का कार्यक्रम चलता रहा. आदित्य गढ़वी, प्रशांत सोनगरा, स्वरूप खान, ब्लेज, हरीश सागने और साउंड्स ऑफ ईशा बैंड ने माहौल को उत्साह और आनंद से भर दिया. आधी रात को महामंत्र का सामूहिक उच्चारण हुआ, जिसने पूरे योग केंद्र को एक आध्यात्मिक लय में बांध दिया.

महाशिवरात्रि 2026 का प्रसारण 25 भाषाओं में किया गया, जिसमें सांकेतिक भाषा भी शामिल थी. 200 से अधिक टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसका सीधा प्रसारण हुआ और अनुमान है कि 150 मिलियन से अधिक दर्शकों तक यह आयोजन पहुंचा. इससे यह एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े और समावेशी आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल हो गया.

सद्गुरु ने इस पावन अवसर पर यह भी घोषणा की कि इस वर्ष के अंत तक काला भैरव की स्थापना की जाएगी. साथ ही सभी के लिए इनर इंजीनियरिंग का ऑनलाइन कोर्स मुफ्त उपलब्ध कराया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP