Why India can win T20 World Cup 2026: टी-20 की केमिस्ट्री, प्लानिंग का गणित, जीत का साइंस… क्यों टीम इंडिया है वर्ल्ड चैंपियन बनने की टॉप दावेदार?
डर था कि रविवार रात कोलंबो में बारिश होगी, पानी बरसेगा और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान का मैच धुल जाएगा, लेकिन हुआ इसके उलट. कोलंबो में पानी नहीं बल्कि छक्के-चौके बरसे. ईशान किशन ने स्पिन फ्रेंडली विकेट पर टोटल डोमिनेंस दिखाया. 40 गेंद में 77 रन कूटे. फिर जसप्रीत बुमराह-हार्दिक पंड्या की सीम जोड़ी ने पाकिस्तान की शुरुआत खराब की तो बाद में स्पिनर्स ने ऐसा जाल बुना कि पड़ोसी फंसते ही चले गए. 61 रन की ये एकतरफा जीत, बताने के लिए काफी थी कि भारत के आगे पाकिस्तान कहीं नहीं टिकता. कहीं भी नहीं!
ऑस्ट्रेलिया की खतरनाक टीम की याद आ गई
याद कीजिए रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली वो निदर्यी ऑस्ट्रेलियाई टीम. साल 2000 की शुरुआत से लेकर 2007 तक जिसका हर फॉर्मेट में दबदबा था. खतरनाक ओपनिंग, जुझारू मिडिल ऑर्डर, विस्फोटक फिनिशर और खूंखार पेसर्स. टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया भी कुछ इसी एटिट्यूड से खेलती है. भारत जिस दबदबे के साथ लिमिटेड ओवर्स में आगे बढ़ रहा है उसे देखकर यही लगता है ये टीम मौजूदा दौर में टी-20 फॉर्मेट की मास्टर है.
टैलेंट, स्कील, एग्रेशन… कोई नहीं है टक्कर में
दरअसल, भारत-पाकिस्तान के मैच को अक्सर मीडिया में सबसे बड़ी लड़ाई कह दिया जाता है, लेकिन वो गुजरे जमाने की बात हो गई. अब टीम इंडिया टैलेंट, स्कील, गेम प्लान, एग्रेशन और प्रेशर हेंडलिंग में पाकिस्तान से मीलों आगे जा चुकी है. टॉस जीतकर पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने बॉलिंग चुनी और खुद पहला ओवर करने आ गए. पूरा पाकिस्तान उस वक्त खुशी से झूम उठा जब आगा ने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक शर्मा को 0 पर आउट कर दिया था, लेकिन भारत के पास एक नहीं अनेक अभिषेक शर्मा है. रविवार की शाम ईशान किशन के नाम थी.
ईशान ने याद दिलाई सचिन की 2003 विश्व कप वाली पारी
ईशान ने स्पिन फ्रेंडली विकेट पर स्वीप, कट और ड्राइव की झड़ी लगाते हुए महज 40 गेंद में 77 रन की यादगार पारी खेली. पाकिस्तानी बॉलर्स सोच में पड़े गए कि कहां बॉल डाले और कहां नहीं. ईशान किशन को देखकर सचिन तेंदुलकर की उस पारी की याद आ गई, जो उन्होंने 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरियन में खेली थी. सचिन ने वसीम अकरम, शोएब अख्तर और वकार यूनुस के साथ-साथ अब्दुल रज्जाक की चौकड़ी वाली दुनिया के सबसे खतरनाक पेस बैटरी के सामने 98 रन की पारी खेली थी तो ईशान किशन की ये इनिंग बेहतरीन स्पिनर्स के ग्रुप के सामने आई.
एक-दो नहीं टीम इंडिया में 11 मैच विनर
ईशान ने बड़े शॉट लगाकर पिच और हालातों को आसान साबित किया तो सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने 34 गेंदों में 38 रन की साझेदारी से साबित कर दिया कि समझदारी किसे कहते हैं. पिच की डिमांड थी कि हर गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजने की कोशिश न की जाए और सिंगल-डबल लिया जाए. सूर्या-तिलक ने इसे समझा और विकेट गिरने के बाद स्ट्राइक रोटेट कर स्कोरबोर्ड चलाते रहे क्योंकि उन्हें पता था कि नीचे हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे फिनिशर खड़े हैं जो आखिरी 30-35 गेंद में 100 रन बनाने की भी ताकत रखते हैं.
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इतना मजबूत बॉलिंग अटैक और कहां मिलेगा?
भारत ने जैसे ही 20 ओवर के बाद 175 का स्कोर खड़ा किया, उसी वक्त पाकिस्तान की हार तय हो चुकी थी. भारत की गेंदबाजी में चालाकी, आक्रामकता और टैलेंट का जबरदस्त कॉकटेल है. कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल जैसे वर्ल्ड क्लास स्पिनर है. पांचवें ओवर में स्पिन अटैक लगाने से पहले ही हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह ने मिलकर पाकिस्तान का स्कोर 21/3 कर दिया था.
भारत ट्रॉफी डिफेंड करने का सबसे बड़ा दावेदार
दुनिया भर के कोने से फैंस इस मैच का गवाह बनने पहुंचे थे. महंगे दामों पर टिकट खरीदे गए, लेकिन टीम इंडिया ने अपनी आदत के मुताबिक मैच एकतरफा कर दिया. जैसे-जैसे विकेट गिर रहे थे, वैसे-वैसे पाकिस्तानी फैंस आर प्रेमदासा स्टेडियम खाली कर रहे थे. कोलंबो में बीती रात भले ही आसमां से बारिश नहीं हुई, लेकिन ईशान किशन ने छक्के-चौके की बरसात करते हुए एक ऐसी क्लासिक टी-20 पारी खेली, जिसने साबित कर दिया कि इस फॉर्मेट को जैसे टीम इंडिया ने समझा है, वैसा किसी और ने नहीं. आज तक किसी टीम ने लगातार दो बार टी-20 वर्ल्ड कप नहीं जीता है. मेजबान टीम भी कभी ट्रॉफी नहीं उठा पाई है. मगर लगता है कि इस बार इतिहास बदलने वाला है!