नसीरुदीन शाह-अजय देवगन की वो फिल्म, इसी में था बाहुबली का कॉन्सेप्ट, सीधे बस गई रूह में, जीते 3 नेशनल अवॉर्ड – ajay devgn kareena kapoor saif ali khan Langda Tyagi Ganster based Pathbreaking Omkara film typical love story jealousy vishal bhardwaj movies

Share to your loved once


Last Updated:

Bollywood Cult Movie : कुछ फिल्में सीधे दिल में बस जाती हैं. इतनी रियलिस्टिक होती हैं कि लगता है जैसे फिल्म के किरदार हमारे आसपास ही हैं. ऐसे किरदार थिएटर से फिल्म देखकर निकलने के बाद कई दिनों तक हमारे दिल-दिमाग में छाए रहते हैं. ऐसी ही एक फिल्म 20 साल पहले सिनेमाघरों में आई थी. फिल्म की कहानी, गाने सबकुछ बहुत ही रॉ थे. फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे IMDB पर 8.0 की रेटिंग मिली हुई है. इस फिल्म को तीन नेशनल अवॉर्ड भी मिले थे.

कुछ फिल्में भले ही बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहे लेकिन उनके किरदार और गाने अमर हो जाते हैं. ऐसी ही एक फिल्म 2006 में रिलीज हुई थी. यह एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी और विलियम शेक्सपियर के नॉवेल ओथेलो पर बेस्ड थी. इस फिल्म का नाम ‘ओमकारा’ था. फिल्म की स्टोरी-स्क्रीनप्ले विशाल भारद्वाज, रॉबिन भट्ट और अभिषेक चौबे ने मिलकर लिखा था. फिल्म में अजय देवगन, करीना कपूर, सैफ अली खान, कोंकणा सेन शर्मा, विवेक ओबेरॉय और बिपासा बासु लीड रोल में थे. म्यूजिक विशाल भारद्वाज ने ही कंपोज किया था. गीत गुलजार ने लिखे थे. फिल्म की पृष्ठभूमि मेरठ शहर पर बेस्ड थी. फिल्म 28 जुलाई 2006 को रिलीज हुई थी. फिल्म को काफी सराहा गया. डायरेक्शन, स्टोरी, स्क्रीनप्ले, डायलॉग और म्यूजिक की खूब तारीफ हुई थी. फिल्म की सबसे बड़ी खूबी भी यही थी कि अजय देवगन, करीना कपूर, सैफ अली, विवेक ओबेरॉय और कोंकणा सेन शर्मा ने शानदार अभिनय किया. लंगड़ा त्यागी के रोल में सैफ अली खान छा गए थे. उन्होंन अपने करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस दी.

फिल्म की कहानी दिखाती है कि जलन कैसे अच्छों-अच्छों को बर्बाद करके रख देती है. दिलचस्प बात यह है कि आमिर खान लंगड़ा त्यागी का रोल करना चाहते थे लेकिन बाद में क्रिएटिव डिफेंस के चलते उन्होंने फिल्म में काम नहीं किया. विशाल भारद्वाज ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘आमिर खान लंगड़ा त्यागी का रोल करने के लिए बेताब थे. वो उन दिनों रंग दे बसंती फिल्म में बिजी थी तो मूवी का हिस्सा नहीं बन पाए लेकिन मुझे लगा जो किरदार आमिर को इतना एक्साइट कर सकता है उसे दर्शक बहुत पसंद करेंगे.’

सैफ अली खान लंगड़ा त्यागी के लिए दूसरी पसंद थे लेकिन उनके साथ लैंग्वेज का प्रॉब्लम था. उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भाषा बिल्कुल नहीं आती थी. दीपक डोबरियाल ने उन्हें लोकल भाषा सिखाई थी. दीपक के साथ ही सैफ बैठकर डायलॉग रिहर्सल करते थे. चार-चार घंटे बैठते थे. उन्होंने बहुत मेहनत की. उन्हें हिंदी बोलना नहीं आती. फिल्म में दीपक डोबरियाल ने राजन तिवारी का रोल निभाया था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

सैफ अली खान लंगड़ा त्यागी का रोल करने के लिए तैयार तो थे लेकिन वह अपने बाल नहीं कटवाना चाहते थे. उन्हें अपने बालों से बहुत प्यार था. इससे पहले सभी फिल्मों में लंबे हेयर स्टाइल में नजर आए थे. विशाल भारद्वाज के दबाव डालने के बाद भी वो तैयार नहीं हुए. ऐसे में ईद के दिन विशाल भारद्वाज ने उन्हें फोन किया और कहा कि ‘आज तुम अपने बालों की कुर्बानी भी दे दो.’ शूटिंग शुरू होने से ठीक 1 दिन पहले सैफ अली खान ने अपने बाल कटवाए थे.

फिल्म के तीन टाइटल सोचे गए थे. ओमकारा, ओ साथी रे और इश्क. तीनों टाइटल के लिए पब्लिक वोटिंग करवाई गई और ओमकारा को सबसे ज्यादा वोट मिले और यही फिल्म का टाइटल रखा गया. वैसे टाइटल से मिलते-जुलते गाने भी बनाए गए थे. विशाल भारद्वाज एक बहुत अच्छे संगीतकार भी हैं. वो जब फिल्म के लिए लोकेशन तलाश रहे थे इसी दौरान ट्रैवल करने के दौरान उन्होंने म्यूजिक तैयार कर लिया था. फिल्म का म्यूजिक चार्टबस्टर रहा था. 2006 में सबसे ज्यादा गाने इसी फिल्म के सुने गए. फिल्म के ब्लॉकबस्टर गानों में ‘नमक इश्क का’ ‘बीड़ी जलाइ ले’ और टाइटल सॉन्ग ‘ओमकारा’ जैसे गाने शामिल रहे.

ओमकारा फिल्म से पहले अजय देवगन ‘गंगाजल-अपहरण’ जैसी रियलिस्टिक फिल्मों में काम करके अपनी धाक जमा चुके थे. हालांकि ये फिल्में उतनी सफल नहीं रहीं लेकिन अजय देवगन के काम की बहुत तारीफ हुई. दूसरी ओर सैफ अली खान ‘हम तुम’ और ‘सलाम नमस्ते’ जैसी हिट फिल्मों में काम करने के बाद नए स्टार स्टेटस को इंजॉय कर रहे थे. ऐसे में वह चाहते थे कि फिल्म का टाइटल ‘ओ साथी रे’ रखा जाए जो कि थोड़ा सा रोमांटिक लगे लेकिन अजय देवगन चाहते थे कि फिल्म का टाइटल ओमकारा हो.

गोवा फिल्म फेस्टिवल में जब विशाल भारद्वाज ने नसरुद्दीन शाह को बताया कि वह ‘ओथेलो’ पर फिल्म बना रहे हैं तो पहले तो जोर से हंसे, फिर उन्होंने कहा कि यह फिल्म डिजास्टर साबित होगी. उन्होंने कहा कि ओथेलो शेक्सपियर का बहुत ही कमजोर ड्रामा है. जब उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी तो विशाल भारद्वाज पर दबाव डाला कि उन्हें भाई साहब का किरदार दिया जाए.

विशाल भारद्वाज ने लंगड़ा त्यागी का किरदार अपने एक स्कूल के दोस्त को ध्यान में रखकर लिखा था जिसका नाम संजय राठी. वो लंगड़ा था लेकिन बहुत ही बदमाश था. सब लोग उसे लंगठा राठी के नाम से बुलाते थे. ओमकारा फिल्म का बजट करीब 26 करोड़ रुपये था और मूवी ने 42 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक फ्लॉप फिल्म साबित हुई थी. मूवी सिनेमाघरों में फ्लॉप जरूर साबित हुई लेकिन आगे चलकर इस फिल्म के प्रति दीवानगी बढ़ी. यह फिल्म आज कल्ट मूवी में शुमार है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP