नीतीश कुमार की राह पर चलीं ममता बनर्जी, चुनाव से पहले खोला खजाना, युवा साथी प्लान पर भड़की बीजेपी

Share to your loved once


बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की जीत से सीख लेते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़ा दांव चला है. उन्होंने बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगार युवाओं को साधने के लिए ‘युवा साथी’ योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 21 से 40 वर्ष के ऐसे बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्होंने दसवीं कक्षा से आगे पढ़ाई नहीं की है. योजना की शुरुआत के पहले ही दिन राज्यभर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं विपक्षी बीजेपी ने इसे चुनावी ‘लुभावनी योजना’ बताते हुए तीखा हमला बोला है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों के बाहर सुबह सूरज निकलने से पहले ही कतारें लग गईं. दोपहर 11 बजे जब शिविर खुले, तब तक भीड़ काफी बढ़ चुकी थी. शाम होते-होते करीब दो लाख युवाओं ने इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिए. अकेले कोलकाता में 18 शिविर लगाए गए हैं. ये शिविर 26 फरवरी तक रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे.

युवाओं के लिए सहारा, सरकार के लिए संदेश

मालदा के चांचल और दक्षिण दिनाजपुर के चोपड़ा में कुछ देर के लिए अव्यवस्था भी देखने को मिली. पंजीकरण में देरी को लेकर प्रदर्शन हुआ, जिसे पुलिस ने हटाया, जिसके बाद प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई. उत्तर कोलकाता के श्यामपुकुर शिविर में खुद राज्य की उद्योग मंत्री शशि पांजा मौजूद रहीं और लाउडस्पीकर से बार-बार पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देती रहीं. उन्होंने कहा कि योजना को लेकर युवाओं का उत्साह उम्मीद से कहीं ज्यादा है.

बेहाला के एक शिविर में पहुंचे 29 वर्षीय सौविक पोरेल ने बताया कि वह सुबह 8.30 बजे ही लाइन में लग गए थे. कोरोना के दौरान नौकरी छूटने के बाद वह ट्यूशन पढ़ाकर और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह रकम तब तक मदद करेगी, जब तक कोई स्थायी काम नहीं मिल जाता. वहीं, कॉलेज से हाल ही में निकले रौनक सिंह ने कहा कि रोजमर्रा के खर्चों के लिए अब उन्हें माता-पिता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

बजट में बड़ा एलान, चुनावी टाइमिंग पर सवाल

युवा साथी योजना का एलान ममता सरकार ने 6 फरवरी को विधानसभा में पेश 2026-27 के वोट-ऑन-अकाउंट बजट में किया था. इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार का अनुमान है कि करीब 27.8 लाख युवा इस योजना के दायरे में आएंगे. पहले भुगतान 15 अगस्त से होना था, लेकिन इसे आगे बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दिया गया है. संयोग से राज्य में विधानसभा चुनाव भी कुछ ही महीनों में होने हैं.

बीजेपी ने बोला हमला

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इस योजना को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इसे ‘लुभावनी योजना’ करार देते हुए सवाल उठाया कि ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई. उन्होंने 2013 की एक पुरानी योजना का जिक्र करते हुए पूछा कि तब के 17 लाख आवेदनों का क्या हुआ और कितनों को नौकरी मिली.

भाजपा का आरोप है कि सरकार बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान देने के बजाय सिर्फ भत्ता देकर युवाओं को बहलाना चाहती है. पार्टी ने संकेत दिए हैं कि मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता रैली में बेरोजगारी को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा.

टीएमसी का पलटवार

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य के बकाए रोके जाने के बावजूद ममता बनर्जी सभी जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं. राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी सरकार किसी योजना को शुरू कर बीच में बंद नहीं करती, बल्कि सीमित संसाधनों में भी जनता के साथ खड़ी रहती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP