‘मेरा जुर्म से कोई लेना देना नहीं’, निक्की भाटी हत्याकांड में सास को जमानत, कोर्ट ने माना घटनास्थल पर नहीं थी

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Nikki Bhati Murder Case : ग्रेटर नोएडा के निक्की भाटी हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी सास को जमानत दे दी है. अगस्त 2025 में दर्द एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि निक्की को उसके पति, सास, ससुर और जेठ ने मिलकर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर मार डाला. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज था. ससुर और जेठ को पहले ही जमानत मिल चुकी है. आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में निक्की की सास की तरफ से वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को फंसाया गया है. कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आवेदक दया की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सशर्त रिहा करने का आदेश दिया.

निक्की भाटी हत्याकांड में सास को जमानत, कोर्ट ने माना घटनास्थल पर नहीं थीZoom

निक्‍की भाटी (फाइल फोटो)

प्रयागराज. ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में नया अपडेट है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्याकांड में आरोपी सास दया की जमानत की मंजूर कल ली है. 22 अगस्त 2025 को नोएडा के कासना थाने में निक्की भाटी हत्याकांड में मुकदमा दर्ज हुआ था. 21 अगस्त 2025 को निक्की भाटी की बहन ने निक्की के ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि निक्की को उसके पति विपिन भाटी, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित ने मिलकर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर मार डाला. इस मामले में पुलिस ने निक्की भाटी के पति विपिन भाटी, उसकी सास, ससुर और जेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हाईकोर्ट से ससुर सतवीर और जेठ रोहित को पहले ही जमानत मिल चुकी है.

निक्की की सास दया की तरफ से वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनको केस में गलत मकसद से फंसाया गया है. एफआईआर में बताए गए जुर्म से उसका कोई लेना-देना नहीं है. शिकायतकर्ता और सरकार की तरफ से वकीलों ने जमानत अर्जी का विरोध किया. दोनों की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई कि वीडियो रिकॉर्डिंग से कथित तौर पर पता चलता है कि आवेदक सह-आरोपियों के साथ मिली हुई थी. वकील ने कहा कि आवेदक एफआईआर में नामजद आरोपी है. उसने ज्वलनशील लिक्विड (थिनर) मृतका के पति विपिन को दिया, जिसने उसके बाद अपनी पत्नी को आग लगाकर उसकी हत्या कर दी.

क्यों की गई हत्या
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मृतका के चश्मदीद गवाह बेटे के बयान से यह साफ तौर पर रिकॉर्ड में आया है कि आवेदक उस समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थी. कोर्ट ने आवेदक दया की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सशर्त जमानत दे दी. जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच ने जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया. चार्जशीट के मुताबिक, निक्की पढ़ी लिखी थी. घर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी. सोशल मीडिया पर वीडियो, रील और प्रचार सामग्री पोस्ट किया करती थी. ससुराल पक्ष को यह बात पसंद नहीं थी. कई बार रोकने पर भी निक्की ने ऐसा करना बंद नहीं किया. यही चीज उसकी हत्या की वजह बनी.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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