गैंगस्टर की लाइफ पर बेस्ड 2 फिल्में, रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों पर पड़ीं भारी, जीते नेशनल अवॉर्ड – ajay devgn gangajal apaharan path breaking real life gangster based bollywood movies became huge hit both won national awards prakash jha films

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Ajay Devgn Gangsters Based Movies : कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिनेमाघरों से उतर जाती हैं लेकिन दर्शकों के दिल-दिमाग में घर बना लेती हैं. इन फिल्मों के एक-एक किरदार, उनके डायलॉग लोगों की जुबान पर छा जाते हैं. सिर्फ दो साल के अंतराल में बॉलीवुड दो ऐसी फिल्में रिलीज हुईं जो गैंगस्टर बेस्ड थीं. दोनों की पृष्ठभूमि बिहार की थी. इन दोनों फिल्मों की पॉप्युलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्हें कई दर्शकों ने 50 बार से ज्यादा देखा. फिल्म का एक-एक सीन-डायलॉग मजेदार था. दोनों ही फिल्मों में एक ही सुपर स्टार ने काम किया था. दोनों फिल्मों की स्टार कास्ट एक जैसी थी. आइये जानते हैं कि ये फिल्में कौन सी थीं…….

साल था 2003. इस साल बिहार की पृष्ठभूमि पर बनी एक ऐसी एक्शन-क्राइम फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई जिसका एक-एक डायलॉग-कैरेक्टर लोगों के दिल-दिमाग में बस गया. हम बात कर रहे हैं ‘गंगाजल’ और ‘अपहरण’ फिल्म की. दोनों ही फिल्में दो साल के अंतराल में रिलीज हुई थीं. शायद ही कोई ऐसा होगा जो इन फिल्मों के डायलॉग भूल पाया होगा. सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही फिल्में रियल घटना पर बेस्ड थी. दोनों ही फिल्में बेहद कम बजट बनी. दोनों ही फिल्मों का डायरेक्शन-प्रोडक्शन प्रकाश झा ने किया था. दोनों ही फिल्मों में अजय देवगन लीड रोल में नजर आए थे. आइये दोनों फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स पर एक नजर डाल लेते हैं……

सबसे पहले बात करते हैं 29 अगस्त 2003 को रिलीज हुई एक्शन-क्राइम फिल्म ‘गंगाजल’ की. यह फिल्म सिनेप्रेमियों की फेवरेट फिल्म है. मूवी बिहार के ‘भागलपुर अंखफोड़वा कांड’ पर बेस्ड थी. यह घटना 1980 में घटित हुई थी जिसमें पुलिस ने करीब 31 अपराधियों की आंखों में तेजाब डालकर उन्हें अंधा कर दिया था. जब केस सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा तो देशभर में सनसनी मच गई थी. फिल्म को नेशनल अवॉर्ड और एक फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.

‘गंगाजल’ अजय देवगन के करियर की कुछ शानदार फिल्मों में से एक है. फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले-डायलॉग प्रकाश झा ने ही लिखे थे. फिल्म में अजय देवगन, ग्रेसी सिंह, मोहन जोशी, यशपाल शर्मा, मोहन अगाशे, अखिलेंद्र मिश्रा, मुकेश तिवारी, अयूब खान, अनूप सोनी, दयाशंकर पांडेय और चेतन पांडेय जैसे सितारे नजर आए थे. म्यूजिक संदेश शांडिल्य ने कंपोज किया था. गीत अखिलेश शर्मा ने लिखे थे. फिल्म में 20:15 मिनट की लेंग्थ के कुल 4 गाने रखे गए थे. गंगाजल बहुत ही रियलिस्टिक फिल्म थी. इसमें संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त उर्फ दिलनवाज शेख का एक आइटम सॉन्ग भी था. जब उन्होंने यह आइटम सॉन्ग किया, तब उनकी शादी संजय दत्त से नहीं हुई थी.

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गंगाजल में अखिलेंद्र मिश्रा ने डीएसपी भूरेलाल का किरदार निभाया था. उनका एक डायलॉग ‘ई तो होना ही था….’ बहुत फेमस हुआ. फिल्म में उनके खड़े होने और चलने का अंदाज भी चर्चा में रहा था. इस बारे में अखिलेंद्र ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मुझे लगा कि पुलिस की ड्रेस में जो 6-7 एक्टर खड़े होंगे तो पता ही नहीं चलेगा कि इसमें मैं कहां पर हूं. अजय देवगन को तो सब जानते हैं. ऐसे में मैंने अपना बॉडी लैंग्वेज बदला. पुलिस की ड्रेस में उसी अंदाज में चलते हुए जब मैं प्रकाश झा के पास पहुंचा तो वो मुझे पहचान नहीं पाए. मेरा किरदार देखकर खुश हो गए.’

फिल्म में यशपाल शर्मा ने गैंगस्टर साधु यादव के बेटे का किरदार निभाया था. उन्होंने इस किरदार की तैयारी कैसे की, क्या कुछ किया, इसका खुलासा एक इंटरव्यू में किया था. उन्होंने कहा था, ‘जितना भी रोल फिल्म के अंदर मेरा है, ये समझ लीजिए कि इसका 20% भी मेरे हिस्से में नहीं था. जैसे गाने के अंदर उठकर जाना, लड़की को थप्पड़ मारना सब कुछ मैंने अपने से इंप्रोवाइज किया. टेंडर के समय इंजीनियर को पीटते समय का शुरुआती डायलॉग तो मिला था लेकिन बाद के डायलॉग मैंने अपने से जोड़े. मैंने स्क्रिप्ट मांगी तो प्रकाश झा ने कहा था कि हम तो अजय देवगन को भी स्क्रिप्ट नहीं देते. ऐसे में मैंने कहा कि यहीं पर बैठकर पढ़ लूं. यहीं वापस कर दूंगा. तो उन्होंने स्क्रिप्ट दे दी.’

वैसे गंगाजल फिल्म के लिए अजय देवगन पहली पसंद नहीं थे. यह फिल्म पहले अक्षय कुमार को ऑफर हुई थी. फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई से थोड़ी दूर पंचगनी-सतारा के पास वाई में हुई थी. वहीं पर पुलिस स्टेशन है. फिल्म में नजर आने वाला वो पुल-मंदिर है. गंगाजल के सभी सीन यहीं फिल्माए गए थे. फिल्म की कहानी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साले साहब साधु यादव से भी जोड़ा गया था.

फिल्म का बजट 7.25 करोड़ के करीब था. फिल्म ने 16.67 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक एवरेज फिल्म साबित हुई थी लेकिन टीवी-यूट्यूब पर फिल्म सुपरहिट रही. यूट्यूब पर फिल्म के करोड़ों में व्यूज हैं. इस फिल्म की सफलता से उत्साहित होकर प्रकाश झा ने 2016 में प्रियंका चोपड़ा के साथ इसी मूवी का सीक्वल ‘जय गंगाजल’ के नाम से बनाया था. यह फिल्म डिजास्टर साबित हुई थी.

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी एक और फिल्म ‘अपहरण’ 2 दिसंबर 2005 में रिलीज हुई थी. इसमें नाना पाटेकर, अजय देवगन, बिपासा बासु लीड रोल में नजर आए थे. इसके अलावा मुरली शर्मा, अयूब खान, यशपाल शर्मा, खालिद सिद्दीकी, मोहन अगाशे, मुकेश तिवारी, दयाशंकर पांडेय, अखिलेंद्र मिश्रा, चेतन पंडित और अनूप सोनी अहम भूमिकाओं में थे. यह भी एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी जिसकी कहानी प्रकाश झा ने ही लिखी थी. उन्होंने स्क्रीनप्ले-डायलॉग भी लिखे थे. म्यूजिक आदेश श्रीवास्तव का था. फिल्म की कहानी पिता-पुत्र के जलिट संबंधों, विचारधारा की लड़ाई-सत्यता, किडनैपिंग पर बेस्ड थी. फिल्म की पृष्ठभूमि एक बार फिर से बिहार ही रखी गई थी.

नाना पाटेकर की परफॉर्मेंस लाजवाब थी. उन्होंने तबरेज आलम का किरदार निभाया था. यह प्रकाश झा और अजय देवगन की तीसरी फिल्म थी. 2005 में अजय देवगन की कई फिल्में आई थीं लेकिन उनमें से ‘अपहरण’ ने ही अच्छा बिजनेस किया था. इसी फिल्म में अश्विनी कालसेकर की मुलाकात मुरली शर्मा से हुई थी. दोनों ने 2009 में शादी कर ली थी. 11 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 23 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सेमी हिट फिल्म साबित हुई थी. अपहरण को बेस्ट स्क्रीनप्ले का नेशनल अवॉर्ड मिला था.

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