बंगाल SIR के कागज 5 साल तक रहेंगे सेफ, वोटर लिस्ट में विदेशी नाम मिला तो नपेंगे अफसर, ज्ञानेश कुमार ने चेताया
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West Bengal SIR News: भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर दस्तावेज पांच साल सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. ज्ञानेश कुमार ने नियम उल्लंघन पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा.

बंगाल में अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी. (फाइल फोटो)
कोलकाता. भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से जुड़े सभी दस्तावेज अगले पांच वर्षों तक सुरक्षित रखे जाएंगे. यह निर्देश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक वर्चुअल बैठक में दिए. इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, उनके कार्यालय के अधिकारी, सभी जिला मजिस्ट्रेट, जिला चुनाव अधिकारी, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और सहायक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर शामिल हुए.
बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के पांच साल बाद भी अंतिम वोटर लिस्ट में किसी विदेशी नागरिक का नाम पाया जाता है, तो संबंधित चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसमें जिला चुनाव अधिकारी भी शामिल होंगे.
सूत्र के अनुसार, यह भी कहा गया कि अगर किसी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर इसका असर पड़ेगा. इससे उसके करियर की प्रगति प्रभावित हो सकती है. बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई के समय केवल चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए 13 दस्तावेजों को ही वैध पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए.
उन्होंने अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा. बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और सहायक अधिकारियों द्वारा सिस्टम में ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए थे, जो सूचीबद्ध नहीं थे या मान्य नहीं थे. इस पर आयोग ने चिंता जताई और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न होने देने के निर्देश दिए.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस मामले में किसी तरह का उल्लंघन आयोग के ध्यान में आता है, तो संबंधित चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की वह खुद निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि नियमों का सही तरीके से पालन हो.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए बढ़ाई गई अंतिम तारीख शनिवार को समाप्त हो रही है. इसके बाद सुनवाई के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया 21 फरवरी तक चलेगी. अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें