Ground Report : 200 साल पुराना सांप, सोने के 7 कलश…बलिया का ऐसा शिव मंदिर, कभी नहीं होती पूजा, क्यों कोई हिम्मत नहीं कर पाया?
बलिया. जहां एक तरफ महाशिवरात्रि के लिए शिव मंदिर सजाए जाने लगे हैं, भव्य पूजा पाठ की तैयारी चल रही है, उत्तर प्रदेश के बलिया में एक ऐसा भी शिव मंदिर है, जहां पूजा तो छोड़िए लोग जाने से डरते हैं. इसे ‘मुड़ी कटवा शिवाला’ के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि यहां खजाना है, जिसकी रखवाली स्वयं भोले नाथ करते हैं. यहां ऐसा आम का पेड़ है, जो फल देता है, लेकिन कभी पकता नहीं है. यहां एक कुआं भी है, जिसमें रात को अजीबोगरीब आवाजें निकलती हैं. शाम होते ही आवागमन बंद हो जाता है. इस प्राचीन मंदिर में एक नागा ने आकर पूजा पाठ चालू कराया था, लेकिन उसके बाद जो हुआ खौफनाक है.
कैसे कटा सिर
बलिया के प्राइवेट शिक्षक राहुल कुमार शर्मा लोकल 18 से कहते हैं कि इस शिवालय के बारे में बुजुर्ग बताते हैं कि बहुत प्राचीन मंदिर है. प्राचीन काल में यहां एक पुजारी अपने परिवार के साथ रहता था. एक बार उसकी बच्ची ने पूछा कि क्या खुद से लगाए पेड़ का फल खाया जा सकता हैं? पुजारी ने गलत अर्थ लगाते हुए, खुद की ही बच्ची के साथ दुष्कर्म कर दिया. इसके बाद, अचानक बिजली कड़की और मंदिर का सर कट गया, इसी के कारण इसका नाम मुड़ी कटवा शिवाला पड़ा है. इसके आसपास खेत हैं, जिसमें लोग खेती करने दिन में आते हैं. रात को इधर कोई नहीं आता हैं. रात में अजब गजब आवाजें और विशालकाय जहरीले जीव दिखाई देते हैं.
बलि देने की फिराक
अमन सिंह बताते हैं कि यह मंदिर बहुत भयानक है और यहां लोग आने में डरते हैं. शाम होते ही आवागमन बंद हो जाता है. दो साल पहले यहां एक नागा साधु आए और एक महीने तक अखंड कीर्तन कराया. भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई. इसी बीच सालों से टूटे मंदिर के सिर को बनवाया गया था. बाद में लोगों को पता चला कि वो साधु नहीं औघड़ हैं, जो मांस मछली आदि का सेवन करते हैं. अब लोग इस औघड़ से दूरी बनाने लगे. इसके बाद, लोगों को भनक लगी कि यह औघड़ बच्चों की बलि देने के फिराक में है. पप्पू विश्वकर्मा कहते हैं कि इस दौरान गांव में कई युवाओं की मौतें हो गईं, तो औघड़ खुद भाग गया.
राजस्थान वाले भागे
जितेंद्र कुमार शर्मा कहते हैं कि बुजुर्गों के कहावतों के मुताबिक, यहां सात सोने के कलश हैं, जो हर रात निकट स्थित टोंस नदी में स्नान कर वापस आ जाते हैं. लेकिन उन्हें देखा किसी ने नहीं. बिना पूंछ वाला 200 साल पुराना सांप भी रहता हैं, जो इस खजाने की सुरक्षा करता है. इसकी खुदाई करने के लिए राजस्थान से लोग आए थे, लेकिन खुदाई के दौरान इतने सांप निकले कि खुदाई करने वाले भाग खड़े हुए.
कोई पानी नहीं पीता
पप्पू विश्वकर्मा बताते हैं कि मंदिर के ठीक सामने एक डरावना कुआं है, जिसका पानी भी लोग नहीं पीते हैं. इस कुएं से रात 12 बजे के बाद अजब-अजब आवाजें आती हैं. अमन सिंह के मुताबिक, मंदिर के पास एक आम का पेड़ है, जिस पर फल बहुत और बड़े बड़े लगते हैं. लेकिन आज तक कोई नहीं खा पाया है. ये पकते ही नहीं हैं. कच्ची अवस्था में सड़ जाते हैं. इस रिपोर्ट में किए गए किसी भी दावे की पुष्टि लोकल 18 नहीं करता है.