Aligarh News : ’14 बढ़ाकर 4 घटाना, ये कैसी राहत,’ बजट 2026 से नाखुश अलीगढ़ के ताला कारोबारी, छलका दर्द
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Budget 2026 Aligarh Reaction : हाल ही में आए बजट को लेकर अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर कारोबारियों में असंतोष देखने को मिला. उनका कहना है कि इस बजट से स्थानीय उद्योगों को कोई खास राहत नहीं मिली, बल्कि महंगाई और लागत बढ़ने की समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है. लोकल 18 से बात करते हुए व्यापारी कहते हैं कि करीब दो महीने पहले ताला और हार्डवेयर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में प्रति किलो 14 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई थी. बजट में इसमें 4 से 5 रुपये की कटौती की गई. शहर की बड़ी आबादी इसी कारोबार पर निर्भर है.
अलीगढ़. पिछले दिनों आए बजट को लेकर अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर कारोबारियों में संतोष के बजाय नाराजगी का माहौल देखने को मिल रहा है. कारोबारियों का कहना है कि इस बजट से स्थानीय उद्योगों को कोई खास राहत नहीं मिली, बल्कि महंगाई और लागत बढ़ने की समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है. व्यापारियों का कहना है कि डेढ़ से दो महीने पहले ताला और हार्डवेयर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (रॉ मटेरियल) की कीमतों में प्रति किलो लगभग 14 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई थी. बजट के समय इसमें केवल 4 से 5 रुपये की मामूली कटौती की गई, जिसे कारोबारी राहत नहीं बल्कि औपचारिक कदम मान रहे हैं. उनका कहना है कि पहले कीमतें ज्यादा बढ़ाकर बाद में थोड़ा कम करना उद्योग के लिए वास्तविक लाभ नहीं देता.
कारोबार चलाना मुश्किल
लोकल 18 से बात करते हुए अलीगढ़ के हार्डवेयर और ताला उद्योग से जुड़े कारोबारी जमाल खान ने बताया कि अलीगढ़ का ताला उद्योग देशभर में अपनी पहचान रखता है. शहर की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसी कारोबार पर निर्भर है. यहां बड़े उद्योगों की तुलना में छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारी अधिक हैं, जिन पर लागत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर पड़ता है. उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छोटे कारोबारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और उनके लिए कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है.
नुकसान ही नुकसान
ताला कारोबारी जमाल खान का कहना है कि बजट में कच्चे माल पर दरों में वास्तविक और बड़ी कटौती की जानी चाहिए थी, ताकि उत्पादन लागत कम होती और उद्योग को राहत मिलती. मामूली कमी से बाजार पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है. बढ़ी हुई लागत का असर उन ऑर्डरों पर भी पड़ रहा है, जो कारोबारी एक या दो महीने पहले तय कीमतों पर ले चुके हैं. अब उत्पादन खर्च बढ़ने के कारण उन्हें तय दरों पर माल सप्लाई करना चुनौती बन गया है, जिससे नुकसान की स्थिति पैदा हो रही है.
क्या हैं मांगें
जमाल खान के मुताबिक, व्यापारियों का मानना है कि बजट से राहत न मिलने की स्थिति में ताला और हार्डवेयर उद्योग पर दबाव बढ़ेगा, जिसका असर रोजगार पर भी पड़ सकता है. चूंकि इस उद्योग में मजदूर वर्ग की बड़ी भागीदारी है, इसलिए कारोबार कमजोर होने पर बेरोजगारी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर कारोबारी इस बजट से खुद को असंतुष्ट और परेशान महसूस कर रहे हैं. आर्थिक राहत की मांग कर रहे हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें