तीन साल बाद पता चला कि सांप काटने से हुई थी बहू की मौत, अदालत ने दहेज हत्या के आरोपी को किया बरी
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Bulandshahar news: बुलंदशहर की एक अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में एक 32 वर्षीय व्यक्ति और उसके माता-पिता को बरी कर दिया, क्योंकि साक्ष्य से पता चला कि महिला की मौत सांप के काटने से हुई थी और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं थी. अदालत ने राज्य सरकार को तीनों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिन्होंने 3 साल जेल में बिताए थे.

बुलंदशहरः बुलंदशहर के हत्या के मामले के आरोपी को न्यायालय की ओर से बरी कर दिया गया. क्योंकि उन पर लगाए गए आरोप निराधार पाए गए. इस मामले में हत्या का मुकदमा चल रहा था कि जिसमें बहू की लाश संतान जन्म देने के 15 दिन बाद घर में बेहोश पाई गई थीं. जिन्हे अस्पताल में डॉक्टर मृत्यु पाई गई. परिजनों को दहेज हत्या के आरोप में जेल में तीन साल बिताने पड़े.
ये था पूरा मामला
बुलंदशहर की एक अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में एक 32 वर्षीय व्यक्ति और उसके माता-पिता को बरी कर दिया, क्योंकि साक्ष्य से पता चला कि महिला की मौत सांप के काटने से हुई थी और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं थी. अदालत ने राज्य सरकार को तीनों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिन्होंने 3 साल जेल में बिताए थे. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधिकारी शहजाद अली ने यूपी के पुलिस महानिदेशक को जांच अधिकारी डीएसपी गोपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया, जिन्होंने साक्ष्य की अनदेखी की थी.
बच्चे के जन्म के 15 दिन बाद हुआ था मामला
ममता देवी, जिन्होंने मई 2017 में सुमित कुमार से शादी की थी, मई 2018 में बच्चे के जन्म के लगभग 15 दिन बाद घर में बेहोश पाई गईं और अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई. उनके परिवार द्वारा दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद, सुमित, पिता देवेंद्र और माता रूपवती पर आईपीसी और दहेज निषेध अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए थे. हालांकि, ट्रायल के दौरान, चिकित्सा और फोरेंसिक साक्ष्य से पता चला कि ममता की मौत सांप के जहर से हुई थी. अदालत ने नोट किया कि उनके परिवार ने दहेज उत्पीड़न की कोई पूर्व शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. यह भी दर्ज किया गया कि ससुराल वालों ने ही उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया, जिन्होंने इसे सांप के काटने का मामला बताया. तहसीलदार की रिपोर्ट में भी मौत का कारण सांप का काटना बताया गया था.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें