13 फरवरी को जन्म लेने वाले बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य, ग्रह-नक्षत्रों का कैसा रहेगा प्रभाव, जानिए सबकुछ

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अयोध्या: मानव जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व होता है. ज्योतिषीय गणना के आधार पर ही व्यक्ति की कुंडली और भविष्य का आकलन किया जाता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव होता है. जिसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी मानव जीवन पर रहता है. ऐसी स्थिति में आज 13 फरवरी है और दिन शुक्रवार है.आज का दिन कैसा रहने वाला है .ग्रह नक्षत्र के हिसाब से आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. किस क्षेत्र में उन्नति होगी. आज अगर कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसका नामकरण किस अक्षर से शुरू करना शुभ माना जाता है. इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताएंगे, तो चलिए जानते हैं.

अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन होता है, जो सौंदर्य, प्रेम, धन और सुख-समृद्धि का प्रतीक है. इस दिन शुभ कार्य, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रम करना उत्तम माना जाता है. इस दिन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि दोपहर 2:27 बजे तक रहेगी, उसके बाद द्वादशी प्रारंभ होगी. एकादशी व्रत, भक्ति और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. यह तिथि मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने वाली होती है. धार्मिक कार्यों, जप-तप और व्रत के लिए यह श्रेष्ठ समय है.

नक्षत्र और ग्रह स्थिति

सुबह से शाम 4:13 बजे तक मूल नक्षत्र रहेगा. इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा. मूल नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्रों में से एक है और इसका स्वामी केतु है. यह नक्षत्र साहस, स्वतंत्र सोच, शोध प्रवृत्ति और आध्यात्मिक गहराई का प्रतीक माना जाता है. मूल नक्षत्र में जन्मे जातक जीवन में अलग पहचान बनाने वाले और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं. हालांकि पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार गण्डमूल नक्षत्र में जन्म होने पर शांति पूजा कराना शुभ माना जाता है.चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा जो ज्ञान, धर्म, विस्तार और सकारात्मक सोच का संकेत देता है.वहीं सूर्य कुंभ राशि में है.जो नवाचार, स्वतंत्रता और भविष्यवादी दृष्टिकोण को मजबूत करता है.यह संयोजन बौद्धिक और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है.

योग और करण

हर्षण योग प्रातः 3:06 बजे तक रहेगा, जो आनंद और सफलता का सूचक है.इसके बाद सामान्य प्रभाव रहेगा.बालव करण दोपहर 2:23 बजे तक रहेगा, जिसे कार्यारंभ के लिए शुभ माना जाता है.सुबह 11:11 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक राहुकाल रहेगा.इस समय महत्वपूर्ण शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.

इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर प्रभाव

मूल नक्षत्र और धनु राशि का प्रभाव बच्चों को साहसी, बुद्धिमान और स्वतंत्र विचारों वाला बनाता है.ऐसे बच्चे नेतृत्व क्षमता से युक्त होते हैं और आध्यात्मिक विषयों में रुचि रखते हैं. स्वभाव में थोड़ी स्पष्टवादिता और आत्मनिर्भरता हो सकती है.इसलिए बचपन से संतुलन और धैर्य सिखाना लाभकारी रहेगा.

नामकरण के शुभ अक्षर

मूल नक्षत्र के लिए — ये, यो, भा, भी
धनु राशि के लिए — ये, यो, भा, भी, भे, भो, ला, ली, लू, ले, लो, अ, आ

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