Food Recipe: रोज दाल खाकर हो गए है बोर, तो ये पहाड़ी बड़ी की दाल बदल देगी आपके खाने का स्वाद.. जानिए रेसिपी
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अल्मोड़ा: अक्सर हम रोज एक जैसी चीजों से बोर हो जाते है, ऐसे ही किचन में रोज दाल से आप भी बोर हो चुके है तो एक बार ये पहाड़ी बड़ी भात की रेसिपी जरूर ट्राई करें, इसे बनाना बहुत ही आसान है और इसके लिए बस टमाटर, प्याज, बड़ी और बेसन चाहिए अगर आपके पास बड़ी नहीं है तो आप ऑनलाइन इसे ऑर्डर कर सकते है.
पहाड़ों की रसोई अपने सादे और प्राकृतिक स्वाद के लिए जानी जाती है. यहां के लोग मौसम और प्रकृति के अनुसार भोजन बनाते हैं. ठंडा मौसम होने के कारण यहां पौष्टिक और गरम तासीर वाला खाना ज्यादा पसंद किया जाता है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है बड़ी की दाल. यह व्यंजन गांवों में खास अवसरों पर भी बनाया जाता है और रोजमर्रा के भोजन में भी शामिल रहता है. इसका स्वाद देसी, हल्का मसालेदार और बहुत ही सुकून देने वाला होता है.
पहाड़ों में बड़ी आमतौर पर उड़द या मसूर की दाल से बनाई जाती है. दाल को भिगोकर पीसा जाता है और फिर मसाले मिलाकर छोटी-छोटी गोल या बड़ी आकार की टिक्कियां बनाकर धूप में सुखाया जाता है. सूखने के बाद यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है. जब सब्जी बनानी होती है तो इन्हीं सूखी बड़ी का उपयोग किया जाता है. बड़ी का आकार थोड़ा बड़ा होता है, इसलिए पकने पर यह अंदर से मुलायम और बाहर से हल्की सख्त लगती है.
कैसे बनाए बड़ी की दाल
बड़ी की दाल बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाही में थोड़ा सा सरसों का तेल या सामान्य तेल गरम करें. उसमें जीरा डालें. फिर बारीक कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटे हुए टमाटर डालकर अच्छे से पकाएं मसाले जैसे हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक स्वाद अनुसार मिलाएं. मसाले को तब तक भूनें जब तक वह तेल न छोड़ दे.
अब इसमें बड़ी डालें और मसाले के साथ 4–5 मिनट तक अच्छी तरह भूनें, ताकि बड़ी में मसाले का स्वाद अच्छी तरह समा जाए. इसके बाद एक कटोरी में बेसन का पतला घोल तैयार करें. इस घोल को धीरे-धीरे कढ़ाही में डालते जाएं और साथ ही चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें. बेसन ग्रेवी को गाढ़ापन देता है और स्वाद को बढ़ाता है.
यदि आपके पास बेसन नहीं है तो आप उसकी जगह गेहूं के आटे का पतला घोल भी बना सकते हैं. इससे भी सब्जी अच्छी बनती है और स्वाद में ज्यादा अंतर नहीं आता. अब जरूरत के अनुसार पानी डालें और ढककर मध्यम आंच पर पकने दें. लगभग 15–20 मिनट में बड़ी नरम हो जाएगी और ग्रेवी गाढ़ी होकर तैयार हो जाएगी.
अगर बड़ी का आकार ज्यादा बड़ा हो तो आप उसे पहले हल्का सा तोड़ सकते हैं या सिलबट्टे की मदद से थोड़ा कूट सकते हैं. इससे वह जल्दी पकती है और सब्जी में अच्छे से मिल जाती है.
चावल, रोटी या मंडुवे की रोटी के साथ परोसे
गरमा-गरम बड़ी की दाल को आप चावल, रोटी या मंडुवे की रोटी के साथ परोस सकते हैं. पहाड़ों की ठंडी हवा में इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पौष्टिक भी है. बड़ी की दाल पहाड़ी संस्कृति और सादगी का सुंदर उदाहरण है, जो हर निवाले में घर जैसा अपनापन महसूस कराती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें