फिरोजाबाद: गेहूं में रोग से बचाव को किसान नमी रखें और दवा छिड़कें
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Agriculture Tips: कड़ाके की सर्दी के बाद बदलते मौसम और तेज धूप से गेहूं की फसल में नमी की कमी और रोगों का खतरा बढ़ गया है. कृषि विभाग ने किसानों को हल्की सिंचाई करने, अधिक पानी से बचने और चेपा, दीमक व चूहों के प्रकोप से बचाव के लिए समय पर दवा के छिड़काव की सलाह दी है, ताकि फसल सुरक्षित रहे और पैदावार प्रभावित न हो.
फिरोजाबाद. कड़ाके की सर्दी के बाद मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है और ऐसे में गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है. धूप के कारण खेतों में नमी कम हो सकती है और गेहूं की बाली में रोग भी लग सकता है, इसलिए किसान भाइयों को इस मौसम में गेहूं की फसल पर ध्यान देने की जरूरत है. अगर फसल सूख रही है तो नमी बनाए रखें और रोग के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसके लिए दवा का प्रयोग करें. इससे किसानों की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा और फसल की पैदावार भी अधिक होगी.
खेतों में अधिक सिंचाई से गिर सकती है फसल, गेहूं की बाली में आ सकता है रोग
फिरोजाबाद के अपर कृषि रक्षा अधिकारी विष्णु शंकर ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि इस वक्त मौसम बदल रहा है. धीरे-धीरे धूप भी निकलना शुरू हो गई है. इस मौसम में किसान भाइयों को खेतों की फसल की अच्छे से देखभाल करनी चाहिए, तेज धूप से खेतों में नमी की कमी हो सकती है, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है. वहीं किसान भाई नमी की कमी के चलते सिंचाई भी करते हैं, लेकिन अधिक सिंचाई से फसल गिर सकती है और बड़ा नुकसान हो सकता है. किसान भाइयों को हल्की सिंचाई करनी है, जिससे फसल गिरकर बर्बाद न हो. वहीं उन्होंने कहा कि इस सीजन में गेहूं की फसल में कई तरह के रोग भी लगते हैं. फ़रवरी महीने में चेपा रोग, दीमक और चूहों का भी प्रकोप देखने को मिल सकता है, इसलिए किसान भाई बिल्कुल भी लापरवाही न करें और तुरंत फसल में दवा का छिड़काव करें, जिससे कोई नुकसान न हो.
गेहूं की फसल में रोग आने पर क्विनालफॉस
अपर कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि अगर किसान भाइयों को गेहूं की फसल में चेपा, दीमक या चूहे की समस्या देखने को मिले तो इसके लिए वे दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं, जिसमें चेपा के लिए क्विनालफॉस, दीमक के लिए क्लोरपाइरीफॉस और चूहों के लिए जिंक फॉस्फाइड का प्रयोग करें. इससे किसान भाइयों की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा और बाली में अच्छा दाना निकलेगा, जिससे किसान भाइयों की गेहूं की पैदावार बढ़ जाएगी.
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