Sanju Samson record: कैमियो पारी खेलने से पहले रिकॉर्ड बना गए संजू सैमसन, कैप्टन सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ा, ‘मिश्रा जी’ टॉप पर
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Sanju Samson record: संजू सैमसन ने नामीबिया के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच में कदम रखते ही इतिहास रच दिया. वह 31 साल 93 दिन की उम्र में टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाले भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए. इस मामले में उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ दिया. अभिषेक शर्मा की जगह ओपनिंग करने उतरे संजू ने मैदान पर कदम रखते ही तूफानी बल्लेबाजी की. उन्होंने मात्र 8 गेंदों में 3 छक्कों की मदद से 22 रन बनाए. हालांकि बेन शिकोंगो की धीमी गेंद पर वह गच्चा खा गए और एक शानदार ‘कैमियो’ पारी खेलकर पवेलियन लौटे.

संजू सैमसन ने मैदान पर उतरते ही बनाया रिकॉर्ड.
नई दिल्ली. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज का मुकाबला केवल भारत और नामीबिया के बीच की जंग नहीं था, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित और धैर्यवान खिलाड़ियों में से एक, संजू सैमसन के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ. सालों के इंतजार, घरेलू क्रिकेट में रनों के अंबार और आईपीएल में अपनी कप्तानी व बल्लेबाजी का लोहा मनवाने के बाद, आखिरकार संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप की पिच पर अपना पहला कदम रखा. संजू टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाले भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए.इस दौरान उन्होंने सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा.
संजू सैमसन (Sanju Samson) ने जैसे ही नामीबिया के खिलाफ मैदान संभाला, उनके नाम एक अनूठा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वह टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं. संजू ने 31 साल 93 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की. इस मामले में उन्होंने अपने ही कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ दिया. सूर्या ने 31 साल 40 दिन की उम्र में अपना वर्ल्ड कप डेब्यू किया था, लेकिन संजू ने इसे एक नए स्तर पर पहुंचा दिया. उनसे आगे अब केवल अमित मिश्रा हैं जिन्होंने 31 साल 117 दिन की उम्र में टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू किया था.
संजू सैमसन ने मैदान पर उतरते ही बनाया रिकॉर्ड.
वो 8 गेंदें: जब दिल्ली में आया ‘सैमसन तूफान’
मैच की शुरुआत में जब यह खबर आई कि अभिषेक शर्मा फिटनेस कारणों से बाहर हैं और संजू ओपनिंग करेंगे, तो पूरे स्टेडियम का शोर सातवें आसमान पर था. संजू ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया. पहली ही गेंद से उनकी बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वह इस मौके को भुनाने के लिए कितने बेताब हैं. संजू ने क्रीज पर बिताए अपने छोटे समय में नामीबियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने महज 8 गेंदों का सामना किया और 275 के स्ट्राइक रेट से 22 रन कूट डाले. इस छोटी सी पारी में उन्होंने 3 गगनचुंबी छक्के जड़े, जिसने दर्शकों को स्टैंड्स से उठने पर मजबूर कर दिया. 1 शानदार चौका लगाया, जो उनकी क्लास और टाइमिंग का प्रमाण था.
संजू का आउट होना भारतीय फैंस के लिए सदमे से कम नहीं था
संजू की बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि लग रहा था आज वह वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ देंगे. लेकिन जहां एक तरफ संजू आक्रामक मूड में थे, वहीं नामीबिया के गेंदबाज बेन शिकोंगो ने चतुराई दिखाई. उन्होंने भांप लिया कि संजू हर गेंद पर प्रहार करने की कोशिश कर रहे हैं. शिकोंगो ने अपनी गति कम की और एक सटीक ‘स्लोअर बॉल’ डाली. संजू शॉट के लिए जल्दी चले गए और गेंद डीप मिड-विकेट पर खड़े लौरें स्टीनकैंप के हाथों में समा गई. संजू का आउट होना भारतीय प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था. मैदान पर सन्नाटा छा गया क्योंकि एक बड़ी पारी का अंत समय से पहले हो गया था.
संजू की यह ‘कैमियो’ पारी बहुत कुछ कह गई
भले ही संजू सैमसन 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन उनकी यह ‘कैमियो’ पारी बहुत कुछ कह गई. 31 साल की उम्र में वर्ल्ड कप डेब्यू करना यह दर्शाता है कि टीम इंडिया में प्रतिस्पर्धा का स्तर क्या है और संजू ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने दिखाया कि उनके पास किसी भी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें