उस्मान तारिक फेंक रहे पत्थर बॉल? क्या है आईसीसी का 15 डिग्री नियम जो इसे गलत नहीं मानता
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IND Vs PAK: आईसीसी के 15 डिग्री नियम के तहत बॉल को थ्रो की तरह फेंकना गलत है. आईसीसी के कानून 21.2 में क्या है और क्यों भारतीय अंपायर ने इस एक्शन को सही बताया, समझिए.

उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं.
भारत के साथ मुकाबले से पहले एक बार फिर पाकिस्तान के उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे पहले इस विवाद की शुरआत PCL में हुई थी, जहां तीन मैच खेलने के बाद ऑन फील्ड अंपायर आसिफ याकूब और रिचर्ड ने उस्मान के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठाए थे, हालांकि बाद में उनके एक्शन की जांच हुई तो ये सही पाया गया. टेस्ट में कहा गया कि तारिक का एल्बो एक्सटेंशन 15 डिग्री के अंदर है जो आईसीसी के नियम के तहत आता है.
यह वाकया था क्वेटा ग्लेडिएटर Vs कराची किंग्स के मैच के दौरान का. शिकायत हुई थी मैच रैफरी रोशन महामना से और जांच की थी, लाहौर की नेशनल क्रिकेट एकेडमी ने, जिसे खुद पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने कराया था. हालांकि उस्मान के एक्शन पर जो सवाल थे, वो खत्म नहीं हुए और अगले सीजन में एक बार फिर अंपायर अहसान रजा और क्रिस ब्राउन ने क्वेटा और लाहौर कलंदर के बीच हुए मैच में सवाल उठाया.
अंपायरों का कहना था कि उनका बेसबॉल स्टाइल स्लिंगिंग एक्शन है, डिलीवरी से पहले वह 1 से 2 सेकेंड रुकते हैं और उनके एल्बो में बैंड है, जो विजुअली समझ में आता है. एक बार फिर जांच में एक्शन सही पाया गया उस्मान पीएसएल खेलते रहे. नवंबर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उस्मान का डेब्यू हुआ मगर सवाल उठने बंद नहीं हुए.
सोशल मीडिया पर यह कहा जाता रहा कि उस्मान पत्थर बॉल फेंक रहे हैं, जिसे चकिंग भी कहते हैं. पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच जब टी-20 सीरीज खेली गई तो एक बार फिर उस्मान का एक्शन विवादों में आया और इस बार सवाल उठाया कैमरुन ग्रीन ने. दूसरे टी-20 मैच में जब ग्रीन आउट हुए तो वह डगआउट तक जाते जाते अपने जेस्चर से तारिक के एक्शन पर सवाल उठाए गए.
टी-20 वर्ल्डकप में तारिक ने यूएसए के खिलाफ 4 विकेट लिए तो एक बार फिर इस विवाद को हवा मिल गई. हालांकि आईसीसी का 15 डिग्री नियम अभी भी तारिक की ढाल बना हुआ है. इसके अलावा भारत के दिग्गज क्रिकेटर रहे रविचंद्रन आश्विन ने भी तारिक का साथ दिया है, जबकि पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इसे गलत बताया है.
आईसीसी के 15 डिग्री नियम के तहत बॉल को थ्रो की तरह फेंकना गलत है. आईसीसी के कानून 21.2 के तहत जब बॉलर गेंद फेके तो उसकी कोहनी 15 डिग्री से ज्यादा मुड़ी नहीं होनी चाहिए. अगर ये 15 डिग्री से ज्यादा है तो एक्शन को गलत माना जाता है. अगर कोहनी में नेचुरल हाइपरएक्सटेंशन यानी पीछे की तरफ ज्यादा झुकाव है तो उसे गलत नहीं माना जाता.
अगर मैच में अंपायर को लगता है कि एक्शन संदिग्ध है तो वह अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र करता है. जांच आईसीसी द्वारा अप्रूव्ड लैब में होती है, ये ज्यादातर देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी ही होती हैं. यहां हाई-स्पीड कैमरा और बायोमैकेनिकल एनालिसिस से डिग्री मापी जाती है.
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मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. इससे पहले मैंने, अमर उजाला, हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में काम किया है. साथ ही टाइम्स नाउ, जागरण और टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट में राजनीति, इतिहास, शिक्षा, साहित्…और पढ़ें
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