सपनों के लिए घरवालों से बगावत, 8 महीनों तक पिता ने नहीं की बात, मिमी चक्रवर्ती की अनूठी जिंदगी
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मशहूर बंगाली एक्ट्रेस और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती का अभिनय सफर विरोध के बीच शुरू हुआ था. उनके माता-पिता इंडस्ट्री के खिलाफ थे, इसलिए मिमी ने बिना बताए अपने पहले सीरियल ‘गानेर ओपारे’ की शूटिंग शुरू की. प्रोमो रिलीज होने पर सच्चाई सामने आने के बाद उनके पिता ने उनसे 8 महीनों तक बात नहीं की थी. हालांकि, बाद में उनकी सफलता देख परिवार ने साथ दिया. मिमी ने ‘बापी बारी जा’ से डेब्यू किया और राजनीति में भी हाथ आजमाया.

एक्ट्रेस ने राजनीति में भी हाथ आजमाया. (फोटो साभार: ians)
नई दिल्ली: बंगाली सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती 11 फरवरी को अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में जन्मी मिमी ने अपने करियर में अभिनय, राजनीति और गायकी जैसे अलग-अलग फील्ड में अमिट छाप छोड़ी है. हालांकि, ग्लैमर की दुनिया का यह सफर उनके लिए कभी भी आसान नहीं था. उनके शुरुआती दिनों की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है, जिसमें बड़े सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें अपने ही परिवार के कड़े विरोध और स्ट्रगल का सामना करना पड़ा.
मिमी चक्रवर्ती के माता-पिता ट्रेडिशनल विचारों के थे और वे अपनी बेटी को कभी भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनते नहीं देखना चाहते थे. बचपन का एक दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए मिमी ने बताया था कि वे टेलीविजन को एक जादुई ‘बॉक्स’ समझती थीं और अक्सर अपनी मां से पूछती थीं कि उस बॉक्स के अंदर कैसे जाया जा सकता है. उनकी मां ने हंसी-मजाक में कह दिया कि इसके लिए बहुत अधिक पढ़ाई करनी पड़ती है. इस छोटी सी बात को मिमी ने इतनी गंभीरता से लिया कि उन्होंने टेलीविजन के पर्दे तक पहुंचने की चाह में अपनी शिक्षा पर खास ध्यान दिया और मन लगाकर पढ़ाई की.
गुपचुप दिया ऑडिशन
मिमी के करियर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वे पुणे में पढ़ाई कर रही थीं. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने माता-पिता को बताए बिना गुपचुप तरीके से ऑडिशन दिया और टीवी सीरियल ‘गानेर ओपारे’ के लिए चुनी गईं. इस बात की जानकारी उनके परिवार को तब हुई, जब सीरियल का प्रोमो नेशनल टीवी पर प्रसारित हुआ. सच्चाई सामने आने पर उनके पिता इस कदर आहत और नाराज हुए कि उन्होंने मिमी से करीब आठ महीनों तक कोई बात नहीं की. उन्हें लगा कि मिमी ने पढ़ाई के नाम पर उन्हें धोखा दिया है, लेकिन बाद में मिमी के अटूट समर्पण को देखकर परिवार ने उनके सपनों का सपोर्ट करना शुरू कर दिया.
‘बापी बारी जा’ से बंगाली सिनेमा में कदम
मिमी चक्रवर्ती ने बंगाली फिल्म ‘बापी बारी जा’ से बड़े पर्दे पर अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की और इसके बाद ‘गैंगस्टर’, ‘योद्धा द वॉरियर’ और ‘बोझेना शे बोझेना’ जैसी एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक ही सीमित नहीं रही; उन्होंने राजनीति में कदम रखा और तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी निर्वाचित हुईं. हालांकि, बाद में उन्होंने राजनीति को अलविदा कहकर अपना पूरा ध्यान अभिनय और कला पर लगा दिया. आज मिमी बंगाली और बॉलीवुड दोनों ही फिल्म जगत में एक मजबूत कलाकार के रूप में पहचानी जाती हैं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें