mustafizur to play ipl: मुस्तफिजुर को लेकर BCB और ICC में क्या हुई डील, क्या गेंदबाज खेल पाएगा IPL?
नई दिल्ली. यह बात कल शाम ही साफ हो गई थी कि पाकिस्तान के यू-टर्न की संभावना बन रही है.आईसीसी की बैठक के बाद, यह सिर्फ समय की बात थी कि हालात उस मोड़ पर पहुँचें जहाँ भारत–पाकिस्तान मैच आधिकारिक तौर पर फिर से तय हो जाए लेकिन वहाँ तक पहुँचने के लिए पाकिस्तान को एक फेस-सेवर चाहिए था. उधर, बांग्लादेश को भी अपने घरेलू प्रशंसकों को शांत करने और यह दिखाने के लिए कुछ चाहिए था कि बदले में उसे भी कुछ हासिल हुआ है. पेनाल्टी से बचने के साथ फसाद की जड़ मुस्तफिजुर रहमान को लेकर भी बीसीबी और आईसीसी के बीच डील हुई जिसका खुलासा वर्ल्ड कप के बाद होगा.
रात 10 बजे, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जो अपने आप में सब कुछ बता रही थी।. मुस्तफिजुर रहमान वाली बात को छोड़कर मेल में पाकिस्तान से भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील की गई थी. यह बयान इस बात का साफ सबूत था कि कोई समझौता हो चुका है और उसमें बांग्लादेश भी शामिल था. ज़रा सोचिए पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में मैच का बहिष्कार करना चाहता हो, और खुद बीसीबी पाकिस्तान से मैच खेलने को कहे और आईसीसी का धन्यवाद करे.
आईपीएल में मुस्तफिजुर की होगी इंट्री!
आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि विश्व कप को लेकर अपने रुख के कारण बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा और उसे 2028 से 2031 के बीच किसी एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेज़बानी के अधिकार दिए जाएंगे. इस विज्ञप्ति में किसी अतिरिक्त वित्तीय मुआवज़े या राजस्व हिस्सेदारी में बढ़ोतरी का कोई ज़िक्र नहीं था साथ ही सूत्रों की माने तो मुस्तफिजुर रहमाम की आईपीएल में वापसी पर भी आईसीसी ने बीसीसीआई से बात करने की बात की है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनउल इस्लाम बुलबुल ने आईसीसी की कमेटी से जोर देकर कहा कि इस सीजन में मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल से बाहर नहीं होना चाहिए और पाकिस्तान को मनवाने में इस कड़ी का भी अहम रोल था.
बेकार का ड्रामा था
पीछे मुड़कर देखें तो पूरा प्रकरण बेवजह और निरर्थक लगता है. बीसीबी ने सबसे पहले मुस्ताफ़िज़ुर रहमान के मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ने की कोशिश की और इसे “देश पहले या क्रिकेट पहले” की दोटूक बहस बना दिया. ऐसा करके उसने व्यापक क्रिकेट जगत को अलग-थलग कर दिया और खुद को एक कोने में धकेल लिया. विश्व कप न खेलने का फैसला एक बड़ी भूल थी, और बांग्लादेश अचानक खुद को अलग-थलग पड़ा हुआ पाया.
चुनाव का चक्रव्यूह
बांग्लादेश में चुनावों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान ने भू-राजनीतिक खेल खेला और ढाका के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश की. भारत की पूर्वी सीमा पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना पाकिस्तान के हित में है, और बांग्लादेश को प्रोत्साहित करना उसी रणनीति का हिस्सा था लेकिन पाकिस्तान ने यह अनुमान नहीं लगाया था कि वह आईसीसी में 2–14 से वोट हार जाएगा. ऐसा होते ही, उसके पास भारत के खिलाफ अपने रुख को और सख्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.
इसके बाद भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने और फोर्स मेज्योर का हवाला देने का फैसला किया गया. आईसीसी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, और पाकिस्तान को जल्द ही एहसास हो गया कि वह मुश्किल पिच पर आ खड़ा हुआ है. फोर्स मेज्योर के दावे को चुनौती दी गई, जिससे संवाद ही एकमात्र रास्ता बचा. घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा, और अंततः श्रीलंका, अमीरात क्रिकेट बोर्ड और सबसे अहम बीसीबी ने पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया. पाकिस्तान को उसका फेस-सेवर मिल गया और बांग्लादेश को विश्व कप से बाहर रहने के बदले एक टूर्नामेंट मिल गया वहीं आईसीसी को भारत–पाकिस्तान मैच वापस पटरी पर मिल गया।अब भी कोई यह दावा करता है कि खेल और राजनीति का आपस में कोई संबंध नहीं है, तो उसे आधिकारिक तौर पर “भ्रमित” करार दे देना चाहिए.