Mr and Mrs Parshuram: सस्पेंस और इमोशन का ऐसा तालमेल, जिसने बदल दी टीवी ड्रामे की परिभाषा

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नई दिल्ली. इंडियन टेलीविजन के बदलते स्वरूप में जहां सस्पेंस और थ्रिलर का बोलबाला बढ़ रहा है, वहीं स्टार प्लस ने भी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए कुछ नया पेश किया है. चैनल का नया शो ‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ न केवल एक पारिवारिक ड्रामा है, बल्कि यह एक ऐसी पहेली भी है जिसे दर्शक हर एपिसोड के साथ सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. नील भट्ट और शाम्भवी सिंह की मुख्य भूमिकाओं वाला यह शो अपनी ताजगी भरी कहानी और बेहतरीन किरदारों की वजह से दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है.

एक अनोखी कहानी
‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी कहानी का ताना-बाना है. यह शो एक ऐसे साधारण दिखने वाले परिवार की कहानी कहता है, जिसकी सतह के नीचे असाधारण रहस्य दबे हुए हैं, जहां एक तरफ रोजमर्रा के घरेलू झगड़े, बच्चों के साथ बिताए गए प्यारे पल और पति-पत्नी के बीच का मीठा संवाद दिल को छू लेता है, वहीं दूसरी तरफ कहानी के पीछे चल रहा एक गुप्त मिशन दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है. शो की यह दोहरी प्रकृति ही इसे अन्य डेली सोप्स से अलग बनाती है. यह सिर्फ एक रोने-धोने वाला पारिवारिक ड्रामा नहीं है, बल्कि एक ऐसा सस्पेंस थ्रिलर है जिसे एक परिवार के ढांचे के भीतर बहुत ही खूबसूरती से फिट किया गया है.

शिवप्रसाद के रूप में नील भट्ट का अभिनय
शो के केंद्र में हैं नील भट्ट, जो ‘शिवप्रसाद’ का किरदार निभा रहे हैं. नील भट्ट ने टेलीविजन पर हमेशा अपनी एक गंभीर और सुलझी हुई छवि बनाई है, लेकिन इस शो में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता को एक नए स्तर पर पहुंचाया है. शिवप्रसाद के रूप में नील एक साथ दो जिंदगियां जी रहे हैं. एक तरफ वह एक सीधा-सादा, अपनी पत्नी शालिनी से बेहद प्यार करने वाला और अपने बच्चों के प्रति समर्पित पिता है. वहीं दूसरी तरफ, उसका एक ऐसा चेहरा है जो पूरी तरह से रहस्य में डूबा हुआ है. नील की अभिनय प्रतिभा तब निखर कर आती है जब वह एक ही पल में एक डरपोक और साधारण आदमी से एक शांत और खतरनाक शख्सियत में बदल जाते हैं. उनकी आंखों की गंभीरता और चेहरे के हाव-भाव उस रहस्य को जीवित रखते हैं जिसकी तलाश दर्शक कर रहे हैं.

शालिनी की भूमिका में शाम्भवी सिंह की सादगी
शालिनी के रूप में शाम्भवी सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उनका किरदार इस शो की आत्मा है. शाम्भवी ने शालिनी को इतनी सादगी से निभाया है कि हर भारतीय गृहिणी उनसे जुड़ाव महसूस कर सकती है. वह परिवार की धुरी है, जो हर समस्या को अपनी मुस्कान और समझदारी से सुलझा लेती है. शाम्भवी की परफॉरमेंस की सबसे बड़ी जीत यह है कि वह बच्चों और पति के साथ होने वाले दृश्यों को बहुत ही स्वाभाविक बनाती हैं. हाल के एपिसोड्स, जहां घर के छोटे-छोटे पलों को दिखाया गया, उनमें शाम्भवी के अभिनय ने एक अजीब सी गर्माहट और सुकून पैदा किया है.

नील और शाम्भवी की केमिस्ट्री
टेलीविजन शोज की सफलता अक्सर मुख्य जोड़ी की केमिस्ट्री पर टिकी होती है. ‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ में नील भट्ट और शाम्भवी सिंह के बीच का ऑन-स्क्रीन बॉन्ड बहुत ही सहज और ताजा लगता है. दोनों के बीच का चंचल मजाक और नोंक-झोंक दर्शकों को गुदगुदाती है. उनके बीच कोई जबरदस्ती का मेलोड्रामा नहीं दिखता, बल्कि वह एक परिपक्व शादीशुदा जोड़े की तरह लगते हैं. जब कहानी में कठिन पल आते हैं, तो उनके बीच की भावनात्मक बातचीत बहुत ही प्रभावी होती है. दर्शक इस जोड़ी को ‘परफेक्ट कपल’ के रूप में देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर इस जोड़ी को खूब सराहा जा रहा है.

रहस्य की परतें
शो का सबसे रोमांचक हिस्सा है शिवप्रसाद की गुप्त जिंदगी. लेखक और निर्देशक ने सस्पेंस को बहुत ही बारीकी से बुना है. शो यह सवाल खड़ा करता है कि शिवप्रसाद अपनी सच्चाई कब तक छिपा पाएगा? वह रात के अंधेरे में कहां जाता है? उसके पास कौन से गुप्त मिशन हैं? यह तनाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जो दर्शकों के मन में अगले एपिसोड के प्रति उत्सुकता पैदा करता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सच्चाई सामने आएगी, तो शालिनी और बच्चों पर इसका क्या असर होगा? यह भावनात्मक जोखिम दर्शकों को शो से भावनात्मक रूप से बांधे रखता है. यह सस्पेंस कहानी के मूल इमोशन को डिस्टर्ब नहीं करता, बल्कि उसे और अधिक गहरा बनाता है.

स्टार प्लस हमेशा से ही रिश्तों की कहानियों को नए नजरिए से पेश करने के लिए जाना जाता है. ‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ के साथ चैनल ने एक नया जॉनर सेट करने की कोशिश की है ‘फैमिली थ्रिलर’. हाई-ऑक्टेन ड्रामा के बजाय, यहां भावनाओं और रहस्य की एक संतुलित परत है, जो इसे हर उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त बनाती है.

प्रोडक्शन और डायरेक्शन
शो का सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन मीडिल क्लास फैमिली की सादगी को बहुत अच्छे से दर्शाता है. घर की सजावट से लेकर किरदारों के पहनावे तक, सब कुछ बहुत ही रियलिस्टिक रखा गया है. बैकग्राउंड स्कोर सस्पेंस वाले दृश्यों में जान डाल देता है और पारिवारिक दृश्यों में सुकून पैदा करता है. निर्देशन में सस्पेंस और इमोशन के बीच का जो संतुलन देखा गया है, वह काबिले तारीफ है.

‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ उन दर्शकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो रूढ़िवादी सास-बहू ड्रामे से ऊब चुके हैं और कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो उनके दिमाग को चुनौती दे और उनके दिल को छुए. मेरी ओर से इस शो को 5 में से 4 स्टार. यह शो आपको हंसाता भी है और सोचने पर मजबूर भी करता है. नील भट्ट और शाम्भवी सिंह की अदाकारी शो का सबसे मजबूत स्तंभ है. यह उन चुनिंदा शोज में से है जो थ्रिलर और फैमिली वैल्यूज को एक साथ लाने में सफल रहे हैं. यह शो धीरे-धीरे अपनी एक लॉयल ऑडियंस बना रहा है. दर्शक यह देखने के लिए बेताब हैं कि आगे क्या होगा?

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