Pappu Yadav Vs Anant Singh: Beur Jail history | Who is the biggest rangbaaz inside Beur Jail
Pappu Yadav Vs Anant Singh: पटना का बेऊर जेल क्या एक बार फिर से बाहुबलियों का अखाड़ा बनेगा? पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की बेऊर में एंट्री से क्या बदल जाएगा जेल में बाहुबली नेताओं का गणित? बिहार का वह जेल जहां जहां सत्ता और जुर्म का ‘कॉकटेल’ पकता है, क्या पप्पू यादव की एंट्री और पहले से ही जेल में बंद मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू होगी? बेऊर कारा का इतिहास गवाह है कि बाहुबलियों के लिए यह जेल कम गेस्ट हाउस ज्यादा मानी जाती है. बीते शुक्रवार रात को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उन्हें बेऊर जेल भेजे जाने के आदेश ने इस हाई-प्रोफाइल जेल को एक फिर से चर्चा में ला दिया है. सियासी हलकों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पप्पू यादव की जमानत जल्दी नहीं मिलती है तो वह लंबे समय तक बेऊर जेल में रह सकते हैं. ऐसे में क्या वह वहां शांति से रह पाएंगे?
हालिया पुलिस रिपोर्टों के अनुसार पटना और आसपास के इलाकों में होने वाली रंगदारी और हत्या की कई साजिशें बेऊर जेल के अंदर रची गई थीं. इस जेल में बंद बाहुबली विधायक रीतिलाल यादव पर जेल से ही रंगदारी मांगने के आरोप लगे थे. इसके बाद चुनाव से ठीक पहले उन्हें भागलपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया था. अब पप्पू यादव जैसे कद्दावर नेता की मौजूदगी जेल के अधिकारियों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होने वाली है. क्योंकि पप्पू यादव भी जेल में जनता दरबार लगा सकते हैं.
बेऊर जेल में बंद दो बड़े ‘रंगबाज’
अनंत सिंह और पप्पू यादव आमने-सामने
बेऊर जेल बिहार की राजनीति और अपराध की दुनिया का वो हॉटस्पॉट है जहां बाहुबली नेता और गैंगस्टर सब आराम फरमाते हैं. यह जेल कोई साधारण जगह नहीं. इस जेल का उद्घाटन करने वाले बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव भी चारा घोटाले में आरोपी होने के बाद इसी जेल में कई रात बिताए थे. इस जेल में सेलफोन, चाकू, ड्रग्स और यहां तक कि पॉलिटिकल डील्स की खबरें बाहर आती रहती हैं. अक्सर इस जेल में छापे पड़ते रहते हैं.
बेऊर जेल बाहुबलियों का नया ठिकाना
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की एंट्री ने सबको चौकन्ना कर दिया है. क्या जेल में एक बार फिर से ‘रंगबाजी’ का नया दौर शुरू होने वाला है? पिछले पांच साल में कई बड़े चेहरे इस जेल में आए और फिर रिहा होकर निकल गए. इस जेल में ऐसे-ऐसे ‘मेहमान’ रहे हैं, जिनके नाम सुनकर ही पुलिस की नींद उड़ जाती है. वर्तमान में अनंत सिंह और पप्पू यादव जैसे नेता इस जेल में बंद हैं. इससे पहले सूरजभान सिंह, आनंद मोहन, मुन्ना शुक्ला और रीतलाल यादव जैसे बाहुबली नेता भी बंद रह चुके हैं. मुन्ना शुक्ला पिछले दिनों भागलपुर जेल से बेऊर जेल शिफ्ट हुए थे. फिर वह भागलपुर जेल चले गए हैं. इसी तरह रीतलाल यादव भी अबी भागलपुर जेल में ही हैं. हालांकि, वह रहने वाले पटना जिला के हैं.
बेऊर जेल में कौन-कौन बाहुबली हैं बंद?
बड़े बाहुबली नामों में इस समय अनंत सिंह और पप्पू यादव ही दो नेता हैं, जो इस जेल में बंद हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने फोर्जरी केस में अरेस्ट किया गया. पहले उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रखा गया, फिर कोर्ट के ऑर्डर पर बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया. पप्पू यादव इस जेल में कोई नया ‘मेहमान’ नहीं हैं, वो पहले भी कई बार जेल के ‘गेस्ट’ रह चुके हैं. 2004 में तो सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बेऊर से तिहाड़ शिफ्ट कर दिया था, क्योंकि वो जेल से सेलफोन पर पॉलिटिकल डील्स कर रहे थे. वहीं अनंत सिंह बिहार चुनाव से ठीक पहले दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं.
बेऊर में विकी जैसे ड्रग्स किंग और अनंत सिंह जैसे नेता पहले से मौजूद हैं. पप्पू की वोकल पर्सनैलिटी और पुरानी दुश्मनी से टेंशन बढ़ सकती है. लेकिन पुलिस सतर्क है. पप्पू यादव की एंट्री से जेल का ‘बैलेंस’ बिगड़ सकता है. पप्पू अपनी ‘जन सेवा’ वाली इमेज अगर जेल में भी चलाएंगे तो हो सकता है कि कुछ दिक्कतें शुरू हो जाएं. कुलमिलाकर बेऊर जेल का इतिहास बताता है कि बाहुबली जेल से भी ‘शो’ चलाते रहे हैं. ऐसे में अगला ट्विस्ट कब आएगा, यह देखने वाली बात है.