घर और मंदिर में पूजा करने में क्या है अंतर? प्रेमानंद महाराज ने कही ये बड़ी बात
आप हर दिन घर में बैठकर भजन करते हैं. घर के मंदिर में पूजा करते हैं. जिनके पास समय होता है, वे मंदिर भी जाते हैं पूजा-पाठ करने. नियमित पूजा करने से मन को शांति मिलती है. सकारात्मक ऊर्जा घर में बढ़ती है. तनाव, चिंता आदि दूर होती है, जिसे मानसिक रूप से सुकून और शांति का एहसास होता है. आपकी जिस भी भगवान में श्रद्धा-भक्ति है, उनकी पूजा हर दिन करने से आप अपने ईष्ट देवता से जुड़ाव महसूस कर सकते हैं. पूजा आप मंदिर में करें या अपने घर पर, मन शुद्ध होता है. हालांकि, जब प्रेमानंद जी महाराज की सभा में एक व्यक्ति ने प्रश्न किया कि घर के मंदिर पूजा करने और मंदिर में पूजा करने में क्या होता है अंतर, तो प्रेमानंद जी ने दिया ये अद्भुत जवाब.