8 फरवरी को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य, किन ग्रह-नक्षत्रों का पड़ेगा प्रभाव, ज्योतिषी से जानें सबकुछ
अयोध्या: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. जन्म तिथि के अनुसार नक्षत्र, राशि, तिथि, योग का आकलन कर बच्चे के स्वभाव, भविष्य और नामकरण के लिए शुभ अक्षरों का निर्धारण किया जाता है. ऐसी स्थिति में 8 फरवरी 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों के लिए ग्रह-नक्षत्रों की क्या स्थिति रहेगी. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? किस राशि के अनुसार नामकरण होगा? यह तमाम जानकारी आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताएंगे.
8 फरवरी को स्वाति और विशाखा नक्षत्र का संयोग, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के योग
दरअसल अयोध्या के पंडित सीताराम दास बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 8 फरवरी को रविवार का दिन है और इस दिन प्रातः 5:02 बजे तक स्वाति नक्षत्र रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा. स्वाति नक्षत्र को स्वतंत्रता, बुद्धिमत्ता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है. जबकि विशाखा नक्षत्र महत्वाकांक्षा, लक्ष्य के प्रति समर्पण और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है.
तुला राशि में चंद्रमा, शुक्र के प्रभाव से कला और संतुलन का गुण
इस दिन चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा. तुला राशि का स्वामी शुक्र ग्रह होता है, जो सौंदर्य, कला, प्रेम और संतुलन का कारक माना जाता है. इस राशि में जन्मे बच्चे खासकर मिलनसार, आकर्षक व्यक्तित्व वाले और न्यायप्रिय होते हैं. इस दिन सप्तमी तिथि रात 2:54 बजे तक रहेगी. इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी.
गण्ड के बाद वृद्धि योग, उन्नति और शुभ कार्यों के बनेंगे अवसर
योग की बात करें तो गण्ड योग दोपहर 12:07 बजे तक रहेगा. जिसके बाद वृद्धि योग लगेगा. वृद्धि योग को उन्नति, विकास और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. दिन में विष्टि करण 3:55 बजे तक, उसके बाद बव करण रहेगा. बव करण को सामान्यत शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है.
स्वाति–विशाखा नक्षत्र के अक्षरों से होगा नामकरण