सीजे रॉय सुसाइड केस: SIT जांच, आयकर छापे और कॉन्फिडेंट ग्रुप
खामोश कमरा, बाहर आयकर विभाग (IT) की टीम की सरगर्मी और अचानक गूंजी एक गोली की आवाज ने पूरे व्यापारिक जगत को हिला कर रख दिया. कॉन्फिडेंट ग्रुप के मालिक सीजे रॉय ने जब अपनी निजी रिवॉल्वर से खुद के सीने में गोली मारी तो वह पीछे छोड़ गए नौ पन्नों का एक ऐसा दस्तावेज़ जो अब जांच की धुरी बन गया है. यह सिर्फ एक सुसाइड नोट नहीं बल्कि एक टूटते हुए कारोबारी के दिल की टीस, परिवार से मांगी गई माफी और उलझे हुए वित्तीय साम्राज्य का पूरा कच्चा चिट्ठा है. जिस समय अधिकारी उनसे दस्तावेज मांग रहे थे, किसे पता था कि वे अपने चैंबर में मौत का सामान लेने जा रहे हैं.
विशेष जांच दल (SIT) के हाथ लगे इस नोट ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रॉय ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले बहुत ही नपे-तुले शब्दों में अपनी भावनाओं और व्यापारिक जिम्मेदारियों को दर्ज किया है. नोट की शुरुआत अपने परिवार से माफी मांगते हुए ‘अंतिम कदम’ के जिक्र से होती है. लेकिन, जैसे-जैसे पन्ने पलटते हैं, इसमें वित्तीय लेनदेन का एक विस्तृत जाल नजर आता है. उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि उन्हें किन लोगों से पैसे लेने थे और उनके बाद उनके साम्राज्य का उत्तराधिकारी कौन होगा.
रॉय ने अपनी मौत के बाद भी अपने पुराने कर्मचारियों का ख्याल रखा है. उन्होंने भावुक अपील की है कि कॉन्फिडेंट ग्रुप के वफादार कर्मचारियों को नौकरी से न निकाला जाए. पुलिस अब रॉय की पत्नी और बच्चों के बयान दर्ज कर रही है. रॉय ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी पत्नी को उनके सभी लेन-देन की जानकारी है, इसलिए SIT अब उनकी पत्नी से विस्तार से पूछताछ करने की तैयारी में है. तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी के बीच इस तरह का आत्मघाती कदम उठाना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
5 प्रमुख सवाल
1. सीजे रॉय ने सुसाइड नोट में अपनी कंपनी के भविष्य को लेकर क्या लिखा है?
जवाब: रॉय ने नोट में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके बाद बिजनेस की कमान कौन संभालेगा. उन्होंने विशेष रूप से यह भी लिखा है कि कंपनी के पुराने और भरोसेमंद कर्मचारियों को हटाया न जाए, क्योंकि वे संस्था की रीढ़ हैं.
2. पुलिस जांच में सुसाइड नोट को ‘व्यवस्थित और विस्तृत’ क्यों माना जा रहा है?
जवाब: आमतौर पर सुसाइड नोट केवल भावनात्मक होते हैं, लेकिन रॉय का नोट 9 पन्नों का है. इसमें पैसे के लेन-देन की लिस्ट, उत्तराधिकारियों के नाम और वित्तीय जानकारी दी गई है, जो जांच टीम के लिए सबूत की तरह काम कर रही है.
3. घटना के समय आयकर विभाग (IT) की टीम वहां क्या कर रही थी?
जवाब: केरल स्थित आयकर विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से सीजे रॉय के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी. शुक्रवार को करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद जब अधिकारियों ने कुछ दस्तावेज मांगे, तब रॉय अपने कमरे में गए और खुद को गोली मार ली.
4. इस मामले की जांच के लिए गठित SIT का अगला कदम क्या होगा?
जवाब: SIT अब रॉय की पत्नी से गहन पूछताछ करेगी. चूंकि रॉय ने पहले भी कहा था कि उनकी पत्नी को उनके वित्तीय मामलों की पूरी जानकारी है, इसलिए पुलिस उन लोगों की पहचान करेगी जिनसे रॉय को पैसा लेना था.
5. पुलिस कमिश्नर ने घटना के तकनीकी पहलुओं के बारे में क्या जानकारी दी?
जवाब: बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि रॉय ने अपनी निजी पिस्तौल से खुद के सीने में गोली मारी. फोरेंसिक टीमें अब यह जांच कर रही हैं कि कितनी राउंड फायरिंग हुई और इस्तेमाल की गई पिस्तौल का लाइसेंस किसके नाम पर था.