600 करोड़ की सब्सिडी, बिजली बिल में 90% गिरावट, हर माह हजारों की बचत; पीएम सूर्य घर योजना से कैसे बदली तस्वीर?
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पीएम सूर्य घर योजना से आम परिवारों को हर महीने ₹3,000 तक की बचत हो रही है.केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ देश में एनर्जी रिवॉल्यूशन ला रही है. इस स्कीम ने न केवल आम आदमी को सस्ती बिजली दी है, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित किया है. इस मिशन में उत्तर प्रदेश ने बाजी मार ली है. सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी देश का सबसे अग्रणी राज्य बन गया है. आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में आए 58 लाख आवेदनों में से अकेले यूपी से करीब 11 लाख आवेदन आए हैं. इससे लोगों के बिजली बिल में भारी कमी आई है. साथ ही, सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की सब्सिडी भी सीधे उपभोक्ताओं को मिल रही है, जिससे मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली है.
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा आम जनता की जेब को हुआ है. पीएम सूर्य घर योजना से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 60 से 90 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है. एक आम परिवार को हर महीने 1,500 से 3,000 रुपये तक की बचत हो रही है. खास बात यह है कि एक बार सोलर सिस्टम लगवाने के बाद अगले 25 सालों तक कम लागत पर बिजली मिलती रहेगी. इसके अलावा, ‘नेट मीटरिंग’ के जरिए एक्स्ट्रा बिजली ग्रिड को वापस देकर फायदा भी उठाया जा सकता है.
यूपी में 3.5 लाख घरों पर लगा सोलर सिस्टम, करोड़ों की सब्सिडी
यूपीनेडा और बिजली कंपनियों की मेहनत रंग लाई है. प्रदेश में अब तक 3,57,879 से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिससे राज्य की सोलर क्षमता 1,227 मेगावाट हो गई है. सरकार ने भी खजाना खोल दिया है. उपभोक्ताओं को अब तक 2,440.62 करोड़ रुपये की सेंट्रल सब्सिडी और लगभग 600 करोड़ रुपये की स्टेट सब्सिडी दी जा चुकी है. इससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचा है.
कोयला नहीं अब सूरज से बनेगी बिजली, प्रदूषण पर प्रहार
पर्यावरण के लिहाज से यह योजना गेम चेंजर साबित हो रही है. यूपी में अब हर दिन 50 लाख यूनिट ग्रीन सोलर बिजली बन रही है. इससे पीक आवर्स में बिजली कंपनियों पर लोड कम हुआ है. इससे हर साल 13 से 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो रहा है. यह भारत के ‘नेट-जीरो 2070’ लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद करेगा. योगी सरकार अब इसे ‘यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस’ (UEI) से जोड़ने जा रही है, जिससे ईवी चार्जिंग और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा मिलेगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें