‘हिंदू बेटियां सुरक्षित नहीं’, ‘द केरल स्टोरी 2’ के टीजर विवाद के बीच संतों ने ‘जिहादी सोच’ की उधेड़ी बखिया

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‘द केरल स्टोरी 2’ में कथित तौर पर उन हिंदू लड़कियों की मार्मिक कहानियों को दिखाया गया है, जिन्हें प्रेम के जाल में फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है. फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि वे समाज के एक कड़वे सच को दुनिया के सामने ला रहे हैं, जबकि एक तबका इसे प्रोपेगैंडा का हिस्सा बता रहे हैं. संत समाज ने फिल्म का भरपूर सपोर्ट किया है. जिहादी मानसिकता पर हमला बोला है.

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'द केरल स्टोरी 2' के टीजर विवाद के बीच संतों ने 'जिहादी सोच' की उधेड़ी बखिया‘द केरल स्टोरी 2’ के टीजर को एक तबका प्रोपेगैंडा बता रहा है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

नई दिल्ली: फिल्ममेकर कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी ‘द केरल स्टोरी 2’ का टीजर रिलीज होते ही देश में एक बार फिर बहस छिड़ गई है. जहां एक ओर फिल्म के विषय को लेकर विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अयोध्या से लेकर ऋषिकेश तक के संत-समाज ने फिल्म का खुलकर सपोर्ट किया है. संतों ने फिल्म का विरोध करने वालों को ‘महापापी’ और ‘देशद्रोही’ करार दिया है.

अयोध्या के जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस मुद्दे पर तीखा बयान दिया है. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ‘लव जिहाद’ फिलहाल में एक गंभीर समस्या बन चुका है और हिंदू बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने फिल्म का विरोध करने वालों को नफरत से भरी मानसिकता वाला बताते हुए कहा कि जो लोग सच्चाई को दबाना चाहते हैं, वे देश को बर्बादी की ओर ले जाना चाहते हैं. उन्होंने सरकार से इस विषय पर कठोर कानून बनाने की भी मांग की.

फिल्म को बताया सच का आईना
सीताराम दास महाराज ने इसी सुर में सुर मिलाते हुए फिल्म को वास्तविकता का आईना बताया. उन्होंने सवाल किया कि सच दिखाने में अपराध क्या है? उन्होंने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग मासूम बेटियों के जीवन को बर्बाद करने वाली ताकतों का पक्ष लेते हैं, उन्हें देश में रहने का हक नहीं है.



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