‘गोवा हादसे पर चुप क्यों थे गवर्नर?’ बंगाल के आनंदपुर अग्निकांड पर गरमाई सियासत, TMC ने राज्यपाल को घेरा
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Anandapur Fire Case: कुणाल घोष ने कहा, “पुलिस, प्रशासन और जांच पहले से ही चल रही हैं. ऐसी स्थिति में, राज्यपाल को ऐसी टिप्पणियां करने से बचना चाहिए. भाजपा को जो नैरेटिव चाहिए, उसे राज्यपाल सेट करने की कोशिश कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है. राज्यपाल को इंतजार करना चाहिए. जब कुछ दिन पहले गोवा में आग की घटना हुई, तो उस समय तो वे पूरी तरह से साइडलाइन थे. वहीं, अभी आनंदपुर में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है. यह बहुत ही बड़ा हादसा है, पुलिस और प्रशासन जिसकी जांच कर रही है.”
टीएमसी ने आनंदपुर आग हादसे की राजनीति को लेकर बंगाल गवर्नर पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)कोलकाता. पश्चिम बंगाल के आनंदपुर में हुए दर्दनाक अग्निकांड पर सियासत गरमा गई है. मोमो फैक्ट्री में लगी आग में 25 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मौके का दौरा किया. इस पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने साफ कहा कि राज्यपाल को भाजपा का ‘नैरेटिव’ सेट करने से बचना चाहिए. घोष ने इसे महज एक हादसा बताया और गोवा के नाइटक्लब में हुई आग की घटना का जिक्र करते हुए राज्यपाल की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं, ऐसे में गवर्नर को बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. यह वक्त राजनीति का नहीं, बल्कि जांच का इंतजार करने का है.
कुणाल घोष ने पत्रकारों से कहा कि राज्यपाल के वहां जाने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि यह एक एक्सीडेंट था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ दिन पहले गोवा के एक नाइटक्लब में भी भीषण आग लगी थी. वहां कई लोग मारे गए थे, तब हमने उस पर राजनीति नहीं की थी. राज्यपाल को ऐसे संवेदनशील समय में संयम रखना चाहिए. भाजपा जो नैरेटिव चाहती है, गवर्नर उसे ही आगे बढ़ा रहे हैं. उन्हें पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए.
‘मालिक और पुलिस सब जिम्मेदार’
इससे पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटनास्थल का मुआयना किया और हालात को बेहद चौंकाने वाला बताया. उन्होंने कहा कि इस हादसे में कीमती जानें गई हैं. गवर्नर ने साफ शब्दों में कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी और वेयरहाउस मालिक, सभी इस लापरवाही के लिए बराबर के जिम्मेदार हैं. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए वह एक ‘एडवाइजरी’ तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम ऐसे हादसों पर आंखें बंद नहीं कर सकते. कानून का सख्ती से पालन होना जरूरी है.
हादसा या साजिश? आमने-सामने राजभवन और सरकार
टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि जब गोवा में आग लगी थी, तब गवर्नर साइडलाइन थे, लेकिन बंगाल में वे एक्टिव हो गए हैं. कुणाल घोष ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है और प्रशासन इसकी जांच कर रहा है. गवर्नर की टिप्पणियां जांच को प्रभावित करने वाली नहीं होनी चाहिए. वहीं, गवर्नर ने स्पष्ट किया कि समय पर कदम नहीं उठाए गए, जिस कारण यह आग लगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें