Agri News : प्रति हेक्टेयर 24 हजार…सब्जियां उगाने के लिए UP सरकार दे रही सब्सिडी, जानें करना क्या होगा
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Farmers subsidy scheme UP : सब्जियों की खेती करने वालों के लिए अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना के तहत बाराबंकी में सब्जी की खेती करने वाले किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा. अब तक इसका लाभ सिर्फ फल-फूल की बागवानी और कुछ फसलों तक ही सीमित था. योजना के जरिए किसानों को सब्जी की खेती के लिए 40% का अनुदान दिया जाएगा. स्कीम के तहत किसानों को टमाटर, लौकी, 56 कद्दू, तरबूज, खरबूजा, भिंडी, गाजर और शलजम आदि की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. लाभ पाने के लिए हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा.
बाराबंकी. प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना के तहत बाराबंकी जिले में सब्जी की खेती करने वाले किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा. अब तक अनुदान का लाभ मुख्य रूप से फल-फूल बागवानी और कुछ फसलों तक ही सीमित था. सरकार ने इस बार सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शाक-भाजी को भी योजना में शामिल किया है. इससे छोटे और मध्यम किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे. इस योजना के जरिए किसानों को सब्जी की खेती के लिए 40% का अनुदान दिया जाएगा. सरकार मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत जिले में मिर्च, टमाटर, ब्रोकली, खरबूजा, तरबूज, बैगन और भिंडी आदि के लिए किसानों को सब्सिडी देगी.
प्रति हेक्टेयर कितना
जिला उद्यान अधिकारी प्रज्ञा उपाध्याय ने लोकल 18 को बताया कि जनपद बाराबंकी में औद्योगिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ये फैसला किया है. मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत शंकर शाक-भाजी की खेती और औद्यानिक फसलों की सुरक्षा हेतु घेराबंदी पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है. इस योजना के तहत किसानों को टमाटर, लौकी, 56 कद्दू, तरबूज, खरबूजा, भिंडी, गाजर और शलजम आदि की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इन फसलों की खेती पर इकाई लागत का जो मानदेय है, उसका 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. किसानों को 24 हजार रुपये प्रोत्साहन धनराशि प्रति हेक्टेयर उपलब्ध कराई जाएगी.
करना क्या होगा
उद्यान अधिकारी प्रज्ञा उपाध्याय के मुताबिक, हमारे जिले में इस वर्ष 50 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 40 हेक्टेयर सामान किसानों के लिए, 10 हेक्टेयर अनुसूचित जाति के किसानों के लिए निश्चित किया गया है. एक किसान 2 हेक्टेयर तक का लाभ प्राप्त कर सकता है. किसान इसका लाभ प्राप्त करने के लिए हॉर्टिकल्चर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. उसके बाद पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उनका चयन किया जाता है. फिर उनका सत्यापन कर डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में धनराशि भेजी जाती है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें