मुकदमेबाजी बढ़ेगी, देश टूटने का खतरा; UGC के नए नियम पर भड़के राकेश टिकैत, ये जातियों को लड़ाने का प्लान
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UGC Equity Rules: किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, “पिछले दिन तीन दिनों में यूजीसी के नए रेगुलेशन का बहुत विरोध हुआ, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया. कोर्ट ने इस मामले में पूरे दस्तावेज को पेश करने का आदेश दिया है. इसमें क्या खामियां हैं, क्या संशोधन करना है या फिर रोक लगेगी, यह देखने वाली बात है.”
राकेश टिकैत ने यूजीसी के नए नियम पर कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है.नई दिल्ली. किसान नेता राकेश टिकैत ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए रेगुलेशन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाने के बाद टिकैत ने कहा कि सरकार की मंशा देश को जातियों में बांटने की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये नियम लागू हुए तो देशभर में सिर्फ ‘मुकदमेबाजी’ बढ़ेगी और समाज के बीच की खाई और चौड़ी होगी. टिकैत ने कहा कि पिछले तीन दिनों से हो रहे विरोध के बाद कोर्ट ने सही कदम उठाया है. उनका मानना है कि सरकार जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है जिससे समाज बंटे और उसका राजनीतिक फायदा सत्ता पक्ष को मिले. अब सबकी निगाहें कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं.
राकेश टिकैत ने कहा कि यूजीसी के नए रेगुलेशन से आम लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है. इससे सिर्फ कोर्ट-कचहरी के चक्कर और मुकदमेबाजी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में जिस तरह से विरोध हुआ, उसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है. कोर्ट ने अब दस्तावेज पेश करने को कहा है, जिससे पता चलेगा कि इसमें क्या खामियां हैं. टिकैत ने सलाह दी कि जिन जातियों को दिक्कत है, सरकार उनके साथ बैठकर बात करे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे ही विवादित फैसले आते रहे तो देश जातियों में बंट जाएगा और मुसीबत के वक्त एक होना मुश्किल होगा.
नोटा से भी सरकार का ही फायदा
किसान नेता ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार वही काम करती है जिसमें उसका फायदा हो. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई नाराज होकर नोटा (NOTA) पर वोट देता है या वोट नहीं डालता है, तो भी फायदा सरकार को ही होगा. यूजीसी के नए रेगुलेशन से जनता का नुकसान है लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता. सरकार की कोशिश है कि लोग बंटे रहें ताकि सत्ता का रास्ता आसान रहे.
पढ़े-लिखे लोग करेंगे कानून का मिसयूज
टिकैत ने आशंका जताई कि इस नए नियम का दुरुपयोग भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि एससी (SC) समाज के कई लोग शायद नियमों को गहराई से न समझें, लेकिन दूसरे पढ़े-लिखे लोग इसका गलत फायदा उठा सकते हैं. संविधान ने सबको बराबर अधिकार दिए हैं और उसी के हिसाब से काम होना चाहिए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है. अब अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी. तब तक 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें