एक जैसे पैटर्न पर बनी 4 फिल्में, थर्रा उठा बॉक्स ऑफिस, बार-बार देखा लास्ट सीन, मगर नहीं आया समझ में – kahani andhadhun stree 4 low budget bollywood movies with massive profits surprising ending people could not understand last scene fascinating story
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Lowest budget Highest Grossing Bollywood Movies : कई बार बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर जाती हैं. कई बार छोटे बजट की फिल्में दर्शकों को दिल-दिमाग में उतर जाती हैं. इतनी पसंद आती हैं कि वो उन्हें बार-बार देखना पसंद करते हैं. लो बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाई का तूफान ले आती हैं. आज हम ऐसी ही लो बजट की चार फिल्मों के बारे में बात करने जा रहे हैं. चारों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया. सबसे दिलचस्त बात यह है कि चारों फिल्में 6 साल के अंतराल में रिलीज हुईं.

बॉलीवुड में छोटे बजट की फिल्मों की सफलता का अपना एक इतिहास है. कुछ फिल्मों ने तो बजट से 10 गुना तक कमाई की है. 6 साल के अंतराल में लो बजट की चार ऐसी फिल्में रिलीज हुईं. इन फिल्मों की कहानी, फिल्मांकन, डायलॉग सबकुछ बेजोड़ था. तीन फिल्में सस्पेंस-थ्रिलर थीं. एक कॉमेडी फिल्म थी लेकिन सब्जेक्ट बहुत ही अनूठा था. तीनों फिल्मों का लास्ट सीन बेहद शॉकिंग था. दिमाग घुमा देने वाला था. ओपन एंडिंग होने के चलते दर्शकों के समझ में ही नहीं आया. ये फिल्में थीं : कहानी, विकी डॉनर, स्त्री और अंधाधुन. चारों फिल्मों ने इतिहास रचा. इनमें से तीन फिल्में ऐसी थीं जिनका लास्ट सीन दर्शकों की समझ में नहीं आया. फिर भी दर्शकों को खूब प्यार मिला.

साल था 2012. मार्च का महीना था. तुषार कपूर की फिल्म 8 मार्च को रिलीज हुई. मूवी दर्शकों को रास नहीं आई. अगले ही दिन 9 मार्च को सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी विद्या बालन-नवाजुद्दीन की फिल्म ‘कहानी’ सिनेमाघरों में आई. यह भी लो बजट की एक मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म थी जिसे 1100 स्क्रीन पर रिलीज किया गया था. विद्या बालन ने विद्या बागची का किरदार निभाया था जो कि प्रेग्नेंट दिखाई देती है. अपने पति को कोलकाता में ढूंढ रही है. फिल्म में आईजी ए. खान के रोल में नवाजुद्दीन सिद्दीकी नजर आए थे. इस फिल्म ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को स्टारडम दिया. उनका 12 साल का स्ट्रगल खत्म हुआ. वो रातोंरात स्टार बन गए.

कहानी फिल्म की स्टोरी सुजॉय घोष और अद्वैत काला ने लिखी थी. म्यूजिक विशाल शेखर का था. बॉलीवुड के कई एक्टर सुजॉय घोष के साथ फिल्म में काम नहीं करना चाहते थे, ऐसे में डायरेक्टर ने कई बंगाली एक्टर्स के साथ यह फिल्म बनाई. सुजॉय घोष की पिछली दो फिल्में होम डिलीवरी : आपको घर तक और अलादीन (2009) फ्लॉप रही थीं, ऐसे में ‘कहानी’ के लिए फाइनेंसर नहीं मिल रहे थे. फिल्म की ज्यादातर शूटिंग कोलकाता में हुई. फिल्म का दुर्गा पूजा वाला क्लाइमैक्स सीन दशहरा के दिन फिल्माया गया था. सिर्फ 64 दिन में पूरी मूवी शूट हुई थी. मूवी का बजट 8 करोड़ था. इस फिल्म ने 91 करोड़ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. आईएमडीबी पर 8.1 की रेटिंग मिली हुई है. कहानी फिल्म के लिए विद्या बालन को बेस्ट एक्ट्रेस जबकि सुजॉय घोष को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.
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2012 में ही 20 अप्रैल को एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘विकी डोनर’ रिलीज हुई जिसका डायरेक्शन शूजीत सरकार ने किया था. फिल्म में आयुष्मान खुराना और यामी गौतम और अन्नू कपूर लीड रोल में थे. प्रोड्यूसर जॉन अब्राहम, सुनील लुल्ला और रॉनी लाहिरी थे. आयुष्मान और यामी गौतम की यह डेब्यू फिल्म थी. फिल्म को 750 स्क्रीन के साथ रिलीज किया गया. स्टोरी जूही चतुर्वेदी ने लिखी थी. फिल्म का कॉन्सेप्ट अनोखा था.

फिल्म में अन्नू कपूर ने डॉ. चड्ढा का रोल निभाया था. यह रोल पहले ओमपुरी को ऑफर हुआ था. फिल्म का एक गाना ‘पानी दा’ को आयुष्मान खुराना ने ही कंपोज किया था. लीड हीरो आयुष्मान खुराना ने एमटीवी रोडीज : सीजन 2 में स्पर्म डोनेशन का एक टास्क पूरा किया था. जॉन अब्राहम के प्रोडक्शन के बैनर तले बनी यह पहली फिल्म थी. फिल्म ओक बेस्ट पॉप्युलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. 10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 66 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

फिर आया साल 2018. इस साल तीन माह के अंतराल में लो बजट की दो ऐसी फिल्में रिलीज हुईं, जिनके जादू ने दर्शकों को मोहित कर लिया. पहली फिल्म थी स्त्री जबकि दूसरी मूवी अंधाधुन थी. 31 अगस्त को 2018 को रिलीज हुई स्त्री एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म थी जिसमें राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, पंकज त्रिपाठी, अपरिक्षित खुराना और अभिषेक बनर्जी लीड रोल में थे. डायरेक्टर अमर कौशिक थे. फिल्म में एक ऐसे गांव की एक कहानी दिखाई गई जिसमें एक चुड़ैल मर्दों के पीछे पड़ जाती है. रात को घर-घर आती है. जो भी मर्द उसकी ओर से देखता है, उसे गायब कर देती है. राजकुमार राव ने फिल्म में विकी नाम का टेलर का किरदार निभाया था. चुड़ैल के रोल में श्रद्धा कपूर नजर आई थीं. चुड़ैल को विकी से प्यार हो जाता है.

स्त्री फिल्म की कहानी साड़ियों के लिए मशहूर चंदेरी शहर की एक सच्ची घटना से इंस्पायर्ड थी. 90 के दशक में बेंगलुरु के पास ग्रामीण इलाकों में भी मर्दों को उठाकर अपने साथ ले जाने वाली एक महिला की कहानी प्रचलित थी. ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर ‘ओ स्त्री कल आना’ लिख रखा था. सच्ची घटनाओं से प्रेरित राइटर राज एंड डीके ने स्टोरी-स्क्रीनप्ले तैयार किया. डायलॉग सुमित अरोड़ा ने लिखे थे. फिल्म के प्रोड्यूसर दिनेश विजयन, राज एंड डीके थे.

स्त्री फिल्म का लास्ट सीन कई दर्शकों की समझ में नहीं आया था. लास्ट सीन में दिखाया जाता है कि श्रद्धा कपूर चुड़ैल की चोटी निकालकर अपने बालों में जोड़ लेती है. फिर बस से गायब हो जाती है. असल में श्रद्धा कपूर खुद एक चुड़ैल थी. लंबे समय में स्त्री की शक्तियों को पाने की कोशिश में जुटी हुई थी. बड़ी चालाकी से विकी को अपनी बातों में फंसाकर स्त्री की शक्तियों को हासिल कर लेती है. 24 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 171 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

स्त्री फिल्म के रिलीज होने के तीन माह बाद 5 अक्टूबर 2018 में सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘अंधाधुन’ रिलीज हुई थी. स्टोरी श्रीराम राघवन, हेमंत एम राव, पूजा सूत्री, अरिजीत विश्वास और योगेश चांदेकर ने मिलकर लिखी थी. फिल्म ब्लाइंड पियानो प्लेयर आकाश की कहानी को दिखाती है. वह अनजाने में एक मर्डर का गवाह बन जाता है. इस फिल्म का लास्ट सीन में बहुत ही हैरान करने वाला था. फिल्म का लास्ट सीन आकाश यूरोप के एक शहर में बैठकर अपनी प्रेमिका को सुनाता है. वह सिमी को विलेन बताता है.

दिलचस्प बात यह है कि आकाश फिल्म खत्म होने से ठीक पहले रोड पर पड़ी स्टिक से कैन को दूर हटा देता है. इससे साबित होता है कि वो ब्लाइंड नहीं है. यह भी साबित होता है कि उसने लास्ट सीन अपने हिसाब से सुनाया था जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हुआ था. 32 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस 456 करोड़ वर्ल्ड का वाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.