Morarji Desai plane crash Story: मोरारजी देसाई का प्लेन भी हुआ था क्रैश, लेकिन सिर्फ होठों पर लगी चोट, 49 साल पहले का वो चमत्कारिक किस्सा
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वह किस्सा है 1977 का, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का विमान क्रैश हुआ था. फर्क सिर्फ इतना था कि उस दिन किस्मत और पायलटों के बलिदान ने देश के प्रधान को बचा लिया था, लेकिन आज बारामती में वह चमत्कार नहीं हो सका.
कुछ इस तरह हुआ था मोरारजी देसाई का प्लेन क्रैश. (Photo_X_@IndiaHistorypic)4 नवंबर 1977: वो काली रात और जोरहाट का आसमान… प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई इंडियन एयरफोर्स के वीवीआईपी विमान पुष्पक (Tu-124) में सवार होकर असम के जोरहाट जा रहे थे. मौसम बेहद खराब था, रात का अंधेरा था और विमान को लैंडिंग के लिए रनवे नहीं मिल रहा था. ईंधन खत्म होने की कगार पर था. जोरहाट के पास आसमान में मंडराते विमान के पास बहुत कम विकल्प बचे थे. पायलटों को समझ आ गया था कि क्रैश लैंडिंग तय है.
विमान को उड़ा रहे थे वायुसेना के जांबाज विंग कमांडर क्लेरेंस डी’लीमा. जब उन्हें लगा कि रनवे तक पहुंचना नामुमकिन है, तो उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जो इतिहास में दर्ज हो गया. उन्होंने अंधेरे में नीचे देखा और एक गीले धान के खेत को लैंडिंग के लिए चुना. विंग कमांडर डी’लीमा ने जानबूझकर विमान की ‘बेली लैंडिंग’ यानी बिना पहियों के पेट के बल उतारने का रास्ता चुना. उन्होंने लैंडिंग इस तरह कराई कि टक्कर का सबसे ज्यादा असर विमान के अगले हिस्से यानी कॉकपिट पर हो. उनका मकसद साफ था… पीछे केबिन में बैठे प्रधानमंत्री सुरक्षित रहने चाहिए, भले ही कॉकपिट चकनाचूर हो जाए.
1977 :: Crash Landing of IAF’s Tupolev-124 Plane With PM Morarji Desai On Board In Jorhat, Assam