Sarfaraz Khan dream: सपना दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का था, सरफराज ने कही दिल की बात
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सरफराज खान इस समय रणजी क्रिकेट खेल रहे हैं. उनका कहना कि वह लिमिटेड ओवर का क्रिकेट खेलना चाहते हैं. उनका पूरा फोकस कड़ी मेहनत करने पर है. सरफराज ने कहा कि मैं हमेशा वर्तमान में जीता हूं.
सरफराज खान का सपना लिमिटेड ओवर क्रिकेट में खेलना है. मुंबई. भारतीय बल्लेबाज सरफराज को टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने के ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, लेकिन उनका फोकस अभी मेहनत करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने पर है. सरफराज ने दिल्ली के खिलाफ रणजी मैच से पहले मीडिया से कहा, ‘मैं हमेशा वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं. अतीत में कुछ नहीं कर सकता और मुझे नहीं पता कल क्या होगा.’ घरेलू क्रिकेट में कुछ समय तक उनकी फॉर्म ठीक नहीं थी, लेकिन उन्होंने धैर्य रखा, अपनी फिटनेस और खेल पर काम किया और अब फिर से रन बना रहे हैं, चाहे लाल गेंद हो या सफेद गेंद. पिछले मैच में हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने अपना पांचवां दोहरा शतक लगाया और साथ ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 5,000 रन पूरे किए.
अभ्यास सत्र के दौरान सरफराज खान ने कहा, ‘मुझे बस इतना पता है कि मैं घर जाऊंगा, घर पर बल्लेबाजी करूंगा, अपने पिता के साथ समय बिताऊंगा, होटल में सोऊंगा और कल मैच खेलूंगा.’ उन्होंने कहा, ‘मैं भविष्य के बारे में नहीं सोचता. मैं वही करूंगा जो मैं सालों से करता आ रहा हूं. मैं अभ्यास करूंगा और खुद को बेहतर बनाऊंगा.’ सरफराज ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के लिए सफेद गेंद क्रिकेट खेलना है.
सरफराज खान का सपना लिमिटेड ओवर क्रिकेट में खेलना है.
सरफराज ने कहा, ‘मैं सिर्फ अपनी मेहनत पर ध्यान दे रहा हूं, खुलकर बल्लेबाजी करने और पावर हिटिंग पर काम कर रहा हूं. मैं किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रहा. मैं भारत के लिए सफेद गेंद क्रिकेट खेलना चाहता हूं और उसी पर ध्यान दे रहा हूं.’ 28 साल के इस बल्लेबाज को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा चुने जाने पर खुद को बहुत सौभाग्यशाली लगता है. वह धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को लेकर काफी उत्साहित हैं.
उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सीएसके के लिए खेल पाऊंगा. मेरा सपना इस पीढ़ी के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का था.’ उन्होंने कहा, ‘विराट भाई के साथ मैंने आरसीबी में खेला. रोहित भाई के साथ कभी नहीं खेला था और मुझे नहीं लगा था कि मौका मिलेगा, लेकिन फिर टेस्ट टीम में उनके साथ खेला.’ उन्होंने कहा, ‘माही भाई के संन्यास के बाद लगा था कि उनके साथ खेलने का मौका नहीं मिलेगा. लेकिन नीलामी के पहले दौर में किसी ने बोली नहीं लगाई, फिर सीएसके ने मुझे अपनी टीम में लिया. मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं.’
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें