युवक ने खून से लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी, यूजीसी के नए नियम को वापस लेने की अपील
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उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में युवक ने खून से चिट्ठी लिखी है. युवक ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेज नियम को वापस लेने की मांग की है. “यूजीसी रोल बैक” लिखकर पत्र PM को डाक से भेजी. लेटर में युवक ने नए नियम हिंदू समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है.
यूजीसी के नए नियम के विरोध में युवक ने लिखी चिट्ठी.अमेठीः उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में युवक ने खून से चिट्ठी लिखी है. युवक ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेज नियम को वापस लेने की मांग की है. “यूजीसी रोल बैक” लिखकर पत्र PM को डाक से भेजी. लेटर में युवक ने नए नियम हिंदू समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है. युवक की चिट्ठी और विरोध सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वायरल चिट्टी की News18 पुष्ठि नहीं करता है. तिलोई तहसील के जनापुर गांव के आदर्श प्रताप सिंह ने चिट्ठी लिखी है.
युवक ने चिट्ठी में लिखा, ‘मैं यूजीसी को लेकर अपनी गहरी चिंता आपके समक्ष रखना चाहता हूं. इस विषय पर आम जनता में असंतोष और भ्रम की स्थिति है. मेरा विनम्र अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले जनभावनाओं, सामाजिक संतुलन और संविधान की मूल भावना पर गंभीरता से विचार किया जाए. आशा है आप इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेंगे.’ बता दें कि यूजीसी के नए नियम को लेकर जबरदस्त विरोध हो रहा है. सर्वण समाज के अलग-अलग संगठन सड़क पर उतरे हुए हैं. यहां तक की एक अधिकारी ने भी इस्तीफा दे दिया है.
बता दें कि सरकार ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए नए यूजीसी नियमों का ‘‘दुरुपयोग’’ नहीं होने दिया जाएगा और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. वहीं, छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि ये नियम परिसरों में अराजकता पैदा कर सकते हैं. इस बीच, सरकारी नीतियों, विशेष रूप से नए यूजीसी नियमों के विरोध में सेवा से इस्तीफा देने के बाद अनुशासनहीनता के आरोपों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित किए गए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने खिलाफ सुनियोजित साजिश का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में धरना दिया. भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करने और समानता को बढ़ावा देने के मकसद से सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए‘‘समानता समितियां’’ गठित करने को अनिवार्य बनाने वाले नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें