‘मैं CM योगी का…’, बरेली के बाद अयोध्या में इस्तीफा, समर्थन नहीं शंकराचार्य के विरोध में छोड़ी अफसर ने नौकरी
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Shankaracharya Avimukteshwaranand Dispute: प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूपी प्रशासन के बीच जारी खींचतान में अब एक अफसर की एंट्री हो गई है. सीएम योगी का अपमान करने पर अयोध्या के एक अधिकारी ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है.
अयोध्या: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बढ़ते शंकराचार्य विवाद पर अब राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में चर्चाओं का बाजार गर्म है. पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला लिया. अब इसी कड़ी में, अयोध्या से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. उत्तर प्रदेश जीएसटी विभाग अयोध्या मंडल में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह इस्तीफा सीधे राज्यपाल को भेजा है. बताया जा रहा है कि उन्होंने दो पन्नों का इस्तीफा पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में यह कदम उठाया है.
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से वे आहत हैं. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री योगी एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने गए सीएम हैं. उनका इस प्रकार अपमान किया जाना स्वीकार्य नहीं है. जिस प्रदेश का मैं नमक खाता हूं, जिस प्रदेश से मुझे वेतन मिलता है, मैं उसका पक्षधर हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की जनता द्वारा चुने गए नेता हैं. उनका अपमान मैं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं कर सकता.
डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि वह पिछले तीन दिनों से मानसिक रूप से आहत थे. काफी सोच विचार के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया. यह इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और नैतिक आधार पर दिया गया फैसला है. प्रशांत कुमार सिंह ने आगे कहा कि जैसे ही उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा, वे अपने निजी संसाधनों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. उन्होंने समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. जहां कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आस्था और विचारधारा से जुड़ा निर्णय मान रहे हैं. वहीं कुछ इसे नौकरशाही में असामान्य कदम के रूप में देख रहे हैं. फिलहाल राज्यपाल कार्यालय की ओर से इस्तीफे की स्वीकृति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन इतना तय है कि शंकराचार्य विवाद अब केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके असर प्रशासनिक स्तर तक साफ दिखाई देने लगे हैं.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें