मुंबईया स्वाद से रांची में धूम मचा रहे धर्मेंद्र, दही पुरी–दही भल्ले से रोजाना कमा रहे ₹2000
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Mumbai Style Dahi Puri : रांची की स्ट्रीट फूड गलियों में अगर कहीं असली मुंबईया स्वाद की तलाश हो, तो धर्मेंद्र का नाम सबसे पहले लिया जाता है. नौकरी की तलाश से लेकर मुंबई स्टाइल दही पुरी और दही भल्ले के फेमस कार्ट तक का उनका सफर मेहनत, हुनर और सही आइडिया की मिसाल है. अरगोड़ा रोड पर खड़ा उनका यूनिक और मॉडर्न कार्ट न सिर्फ भीड़ खींचता है, बल्कि घर के जमाए शुद्ध दही और भरपूर टॉपिंग के साथ परोसी जाने वाली दही पापड़ी चाट लोगों को एक बार चखने के बाद बार-बार आने पर मजबूर कर देती है. रिपोर्ट- शिखा श्रेया

झारखंड की राजधानी रांची के धर्मेंद्र अपने मुंबईया स्टाइल में दही पुरी और दही भल्ले खिलाने के लिए काफी फेमस हैं. पूरे रांची में आपको सिर्फ यहीं पर मुंबई स्टाइल में यह खाने को मिलेगा और यही कारण यहां पर भीड़ भी काफी जबरदस्त लगती है. आज आलम यह है कि उनकी कमाई हर दिन की ₹2000 हो गई है. कभी-कभी इससे भी थोड़ी अधिक हो जाती है.

धर्मेंद्र बताते हैं कि कभी नौकरी के लिए वह भटक रहे थे, लेकिन फिर मुंबई गया और वहां पर देखा कि यह कैसे बनाया जाता है और वहीं, का स्टाइल यहां पर लागू किया और हिट हो गया. उन्होंने आगे बताया कि वह मुंबई में कैटरिंग का काम किया करते थे तो बड़े ध्यान से देखता था कि यह लोग कैसे दही का अधिक सेवन करते हैं, सेवपुरी अधिक डालते हैं और किस तरीके से चीजें बनती हैं.

धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने रांची में देखा था कि अभी तक एकदम मुंबई स्टाइल में यह कहीं नहीं मिला पा रहा है. ऐसे में उन्होंने सोचा कि जो चीज यहां पर कोई नहीं कर पा रहा है. वही चीज क्यों ना शुरू करूं. ऐसे में सबसे पहले उन्होंने छोटा और बड़ा यूनिक और सुंदर मॉडर्न कार्ट बनवाया. जिसको बनाने में 30 से 35 हजार रुपए का खर्चा आया. कार्ट स्टॉल भी एकदम मुंबई स्टाइल में ही बना है. इसमें चार बड़े-बड़े चक्के लगे हुए हैं और यह बंगले के आकार का है.
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उन्होंने बताया कि उनका कार्ट दिखने में काफी खूबसूरत और थोड़ा यूनिक भी लगता है तो लोग आकर्षित होते हैं और आकर पूछते हैं भई क्या है ? तो पता चलता है कि यहां भेलपुरी और दही भल्ले खिलाई जा रही है. यहां दही पापड़ी चाट आपको सिर्फ यहीं पर खाने को मिलेगा. दही भी ऐसा वैसा नहीं, घर का जमाया हुआ शुद्ध दही खाने को मिलेगा, जिसमें घर का ही क्रीम मिलाया जाता है.

यहां पर खाने के लिए आपको कम से कम आधा घंटा तो इंतजार करना ही पड़ेगा. धर्मेंद्र बताते हैं कि एक-एक प्लेट को बनाने में थोड़ा वक्त लग जाता है. एक-एक पपड़ी में भर भर के दही डालना, सारे शुद्ध मसाले का इस्तेमाल करना, मतलब एक प्लेट ऐसा बनता है कि आपको खाना खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह एक टाइम का खाना हो जाता है. ऐसे में अगर आप भी टेस्ट करना चाहते हैं, तो आ सकते हैं रांची के अरगोड़ा रोड में. यहां पर रोड के किनारे ही आपको धर्मेंद्र का कार्ट नजर आ जाएगा.