Snack Recipe: मैदा नहीं, आटे-गुड़ से बनने वाला ये पहाड़ी स्नैक, आपके चाय टाइम को बना देगा खास, जानें आसान रेसिपी – Uttarakhand News
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Healthy Snack Recipes: पहाड़ों की रसोई में हर डिश सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि भावनाओं और अपनापन को व्यक्त करती है. खजूरे भी ऐसी ही एक पारंपरिक देसी स्नैक है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बहुत पसंद है. घर के प्यार और पहाड़ों की सादगी को समेटे हुए, यह स्नैक स्वाद में बिस्किट जैसी होती है और लंबे समय तक ताजा रहती है. जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी.
पिथौरागढ़: पहाड़ों की रसोई सादगी और अपनापन लिए होती है. यहां का हर खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा होता है. ऐसी ही एक पारंपरिक और प्यारी डिश है खजूरे. यह देसी स्नैक बच्चों और बड़ों सभी को बहुत पसंद आती है. स्वाद में खजूरे बिल्कुल घर पर बने बिस्किट जैसी लगती है और लंबे समय तक खराब नहीं होती. चाय टाइम के लिए ये एकदम परफेक्ट स्नैक है. जो आपकी शाम को ख़ास बना देगा.
खजूरे खासतौर पर त्यौहार के अलावा तब बनाई जाती है, जब घर का कोई बच्चा पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर जा रहा हो. मां प्यार से खजूरे बनाकर उसके बैग में रख देती है, ताकि घर की खुशबू और स्वाद हमेशा उसके साथ रहे. इसमें न कोई केमिकल होता है और न ही किसी तरह की मिलावट. यही वजह है कि यह पूरी तरह शुद्ध, देसी और स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है.
खजूरे बनाने की सामग्री और विधि
खजूरी बनाने में 1 कप सूजी, 2 कप गेहूं का आटा, 1 बड़ी चम्मच सौंफ, आधा कप नारियल, 150 ग्राम गुड़ (मिठास के लिए), 1 चम्मच घी और आधा कप दूध का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले इन सभी चीज़ों को एक बड़े परात में डालकर अच्छे से मिला लिया जाता है. फिर थोड़ा-थोड़ा दूध डालते हुए आटा गूंथा जाता है. जब आटा तैयार हो जाए, तो इसे करीब दस मिनट के लिए ढककर रख दिया जाता है, ताकि सामग्री आपस में अच्छे से मिल जाए.
खजूरे का आटा तैयार करना
थोड़ा आराम देने के बाद आटे में हल्का सा गुनगुना पानी डालकर दोबारा गूंथा जाता है. अब इसकी एक बड़ी लोई लेकर रोटी की तरह बेला जाता है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि रोटी बहुत पतली न हो, क्योंकि पतली बेलने से खजूरी सख्त हो जाती है. इसके बाद चाकू या कटर की मदद से पहले लंबे टुकड़े काटे जाते हैं और फिर उन्हें छोटे-छोटे बिस्किट जैसे आकार में काट लिया जाता है.
अब कढ़ाही में तेल गर्म किया जाता है और इन टुकड़ों को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तला जाता है. जब खजूरे अच्छी तरह ब्राउन हो जाए, तो उसे निकाल लिया जाता है. ठंडी होने के बाद यह और भी ज्यादा कुरकुरी लगती है.
उत्तराखंड में खजूरे सिर्फ एक स्नैक नहीं है, बल्कि मां के हाथों का स्वाद, घर की याद और पहाड़ों की सादगी को अपने भीतर समेटे हुए है. एक बार खाने के बाद इसका देसी स्वाद दिल में बस जाता है. यह स्नैक बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें