आर्मी का हवा में उड़ने वाला ‘चीता’, जिसके सामने पाकिस्‍तान को मार गया लकवा, चीनी डिफेंस सिस्‍टम भी काम न आया – rudra attack helicopter pakistan radar dstroyed china air defence system failed oeration sindoor speed weapon system

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Rudra Attack Helicopter: भारत की सैन्य विमानन क्षमता में स्वदेशी ताकत का प्रतीक बन चुका HAL रुद्र (ALH WSI Mk-IV) अटैक हेलीकॉप्टर आज भारतीय सेना की आक्रामक और मल्‍टीरोल एयर पावर की रीढ़ माना जा रहा है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित यह हेलीकॉप्टर ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) का हथियार-प्रणाली इंटीग्रेटेड वर्जन है और देश का पहला पूरी तरह स्वदेशी सशस्त्र हेलीकॉप्टर भी है. रुद्र को विशेष रूप से टोही, एयर सपोर्ट, टैंक-रोधी अभियान और आर्म्‍ड ट्रांसपोर्ट जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. HAL को भारतीय सेना और वायुसेना के लिए कुल लगभग 76 रुद्र हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का कॉन्‍ट्रैक्‍ट मिला था. सेना अपने आर्मी एविएशन कोर में लगभग 60 हेलीकॉप्टरों के साथ 6 स्क्वाड्रन गठित करने की योजना पर काम कर रही है. फरवरी 2013 में पहला रुद्र सेना को सौंपा गया था और अक्टूबर 2019 तक लगभग 50 हेलीकॉप्टर ऑपरेशनल हो चुके थे. इसके बाद अतिरिक्त इकाइयों की डिलीवरी के साथ यह बेड़ा लगातार मजबूत होता गया. बता दें कि रुद्र हेलीकॉप्‍टर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की थी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्‍तान का चीनी डिफेंस सिस्‍टम भी नाकाम हो गया था.

रुद्र के वेपन सिस्‍टम इंटीग्रेटेड वर्जन के विकास को दिसंबर 1998 में स्वीकृति मिली थी. इसका प्रोटोटाइप अगस्त 2007 में पहली उड़ान पर गया. सितंबर 2011 में अंतिम चरण के हथियार परीक्षण पूरे किए गए, जिनमें 20 MM टर्रेटेड गन का सफल परीक्षण शामिल था. नवंबर 2011 में मिस्त्राल एयर-टू-एयर मिसाइलों और 70 MM रॉकेट का ट्रायल हुआ. इसके बाद सितंबर 2012 में पहले उत्पादन हेलीकॉप्टर के जमीनी परीक्षण पूरे हुए और फरवरी 2013 में CEMILAC से प्रारंभिक परिचालन स्वीकृति (IOC) मिली. रुद्र को पहली बार सार्वजनिक रूप से एयरो इंडिया 2013 में प्रदर्शित किया गया था. रुद्र का डिजाइन पारंपरिक लेकिन अत्याधुनिक है. वजन कम रखने के लिए इसमें कार्बन फाइबर कंपोजिट सामग्री का उपयोग किया गया है. केबिन के ऊपर लगे दो इंजन चार ब्लेड कंपोजिट मुख्य रोटर से जुड़े हैं. कॉकपिट में केव्लर और कार्बन फाइबर का उपयोग कर उसे बैलिस्टिक सुरक्षा प्रदान की गई है. रुद्र की लंबाई 15.8 मीटर, मुख्य रोटर व्यास 13.2 मीटर और ऊंचाई 4.9 मीटर है. इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 5,500 किलोग्राम है, जबकि यह लगभग 2,600 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है.

रुद्र हेलीकॉप्टर इस वजह से खास

  1. स्वदेशी निर्माण: रुद्र भारत का पहला स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसे HAL ने विकसित किया है.
  2. मल्‍टीरोल कैपेबिलिटी: टोही, निगरानी, आतंकवाद-रोधी अभियान और क्लोज एयर सपोर्ट में सक्षम.
  3. आधुनिक हथियार प्रणाली: 20 MM गन, रॉकेट पॉड्स, एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल और एयर-टू-एयर मिसाइल से लैस.
  4. हाई अल्‍टीट्यूड ऑपरेशन: लद्दाख और सियाचिन जैसे कठिन इलाकों में भी प्रभावी प्रदर्शन.
  5. एडवांस एवियोनिक्स: नाइट-विजन कॉकपिट, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और अत्याधुनिक सेंसर से लैस.

कॉकपिट और एवियोनिक्स

रुद्र का ग्लास कॉकपिट दो क्रू सदस्यों के लिए क्रैश-वर्दी सीटों से लैस है और नाइट विजन गॉगल्स के अनुकूल बनाया गया है. इसमें मल्टीफंक्शन डिस्प्ले, ड्यूल फ्लाइट कंट्रोल और ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं. एवियोनिक्स सूट में GPS, FLIR, HF/UHF संचार रेडियो, इन्फ्रारेड फ्रेंड-ऑर-फो (IFF), डॉप्लर नेविगेशन और रेडियो अल्टीमीटर जैसी प्रणालियां इंटीग्रेट की गई हैं. इलेक्ट्रो-ऑप्टिक पॉड, हेलमेट-माउंटेड साइट और फिक्स्ड साइट्स के जरिए पायलट हाई एक्‍यूरेसी के साथ टारगेट को भेद सकते हैं.

मॉाडर्न वेपन सिस्‍टम

रुद्र की नाक पर नेक्स्टर THL-20 टर्रेटेड गन लगी है, जिसमें 20 MM M621 ऑटोमैटिक कैनन है. यह प्रति मिनट 750 राउंड की दर से फायर कर सकती है और इसकी प्रभावी मारक दूरी लगभग 2,000 मीटर है. इसके स्टब विंग्स पर आठ हेलिना (हेलीकॉप्टर-लॉन्च्ड नाग) एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, चार MBDA मिस्त्राल शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल या 68/70 मिमी रॉकेट पॉड लगाए जा सकते हैं. आत्मरक्षा के लिए रुद्र में SAAB का इंटीग्रेटेड डिफेंसिव एड्स सूट (IDAS) लगाया गया है, जिसमें रडार वार्निंग रिसीवर, इंफ्रारेड जैमर, फ्लेयर और चैफ डिस्पेंसर शामिल हैं. यह सिस्टम RWS-300 रडार वार्निंग सेंसर, LWS-310 लेजर वार्निंग सेंसर, MAW-300 मिसाइल अप्रोच वार्निंग सेंसर और BOP-L सीरीज काउंटरमेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम से जुड़ सकता है, जिससे हेलीकॉप्टर को बहुआयामी खतरों से सुरक्षा मिलती है.

Rudra Attack Helicopter: गणतंत्र दिवस के मौके पर रुद्र हेलीकॉप्‍टर की झलक दुनिया ने देखी. (फाइल फोटो)

इंजन, प्रदर्शन और उड़ान क्षमता

रुद्र दो HAL/टर्बोमेका आर्डिडेन 1H1 (शक्ति) टर्बोशाफ्ट इंजनों से संचालित है, जिनमें से प्रत्येक 1,067 किलोवाट की निरंतर शक्ति देता है. इंजन का ऑपरेशन फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल (FADEC) सिस्टम से नियंत्रित होता है. इसमें फिक्स्ड मेटल स्किड लैंडिंग गियर है, जबकि टेल सेक्शन में टेल स्किड लगाया गया है, ताकि टेल-डाउन लैंडिंग के दौरान रोटर सुरक्षित रहे. प्रदर्शन के लिहाज से रुद्र की अधिकतम रफ्तार 270 किमी प्रति घंटा और अधिकतम गति सीमा 300 किमी प्रति घंटा है. यह 20000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और 10.3 मीटर प्रति सेकेंड की दर से चढ़ाई कर सकता है. इसकी अधिकतम रेंज लगभग 660 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी के मिशनों के लिए उपयुक्त बनता है.

रणनीतिक महत्व

रुद्र न केवल भारतीय सेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है. सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती, ऊंचाई वाले इलाकों में संचालन और बहु-भूमिका मिशनों में इसकी सिद्ध क्षमता ने इसे सेना के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बना दिया है. आने वाले वर्षों में रुद्र के उन्नत संस्करण और अधिक स्वदेशी हथियार प्रणालियों के एकीकरण के साथ भारत की सैन्य हेलीकॉप्टर शक्ति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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