Sourav Ganguly SA20 final Pretoria Capitals: भारतीय दिग्गज सौरव गांगुली के मार्गदर्शन में प्रीटोरिया कैपिटल्स की टीम SA20 के फाइनल में पहुंच ही.

Share to your loved once


बेंगलुरु: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच हैं. गांगुली पहली बार किसी टीम के हेड कोच बने हैं. अपनी इस भूमिका को लेकर उनका कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने के साथ ईमानदार और पारदर्शी रहकर उनका सम्मान पाना सबसे अहम होता है. गांगुली के मार्गदर्शन में प्रिटोरिया कैपिट्स का इस सत्र के एसए20 फाइनल में पहुंचना भी उनके शब्दों को सही साबित करता है.

उन्होंने रविवार को प्रिटोरिया कैपिटल्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप के बीच एसए20 के चौथे चरण के फाइनल से पहले जियोस्टार प्रेस रूम में कहा, ‘‘ईमानदार और पारदर्शी रहना जरूरी है. यह जरूरी है कि आप सही माहौल बनाएं. खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने की कोशिश करें और ड्रेसिंग रूम में उनका सम्मान हासिल करें. एक ग्रुप के तौर पर यही जरूरी है.’’

खिलाड़ियों के साथ गांगुली का है दोस्ताना रिश्ता

गांगुली ने कहा कि भारत के कप्तान के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान कुछ स्टार खिलाड़ियों की अगुआई करने का उनका अनुभव उनकी नयी भूमिका में काम आया. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बहुत से महान खिलाड़ियों की कप्तानी की है और महान खिलाड़ी बहुत समझदार होते हैं क्योंकि वे सभी इस स्तर पर अच्छा करना चाहते हैं. मैं बस उनके साथ दोस्त जैसा रहता हूं, उन्हें बताता हूं कि सही तस्वीर क्या है और उन्हें वह दिखाने की कोशिश करता हूं. आखिरकार खिलाड़ी ही मैदान पर प्रदर्शन करते हैं, कोच नहीं. ’’

गांगुली ने कहा, ‘‘इसलिए कोचिंग स्टाफ के तौर पर आप उन्हें सबसे अच्छा अभ्यास देते हैं और उन्हें मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में रखते हैं. टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. इसलिए सही संदेश देना और उन्हें यह समझाना जरूरी है कि बेहतर होने का एकमात्र तरीका ट्रेनिंग में बार-बार चीजों को करना है. ’’

सभी खिलाड़ियों के संपर्क में थे सौरव गांगुली

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी के संपर्क में रहता था. जब डेवाल्ड ब्रेविस दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ दौरे पर थे तो मैं उनसे भारत में मिला था. मैं उनसे कोलकाता में मिला. हमने साथ में डिनर किया और केशव महाराज (कैपिटल्स के कप्तान) के साथ कुछ समय बिताया. ’’ गांगुली ने कहा, ‘‘उसके बाद मैं वाट्सअप पर उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहा. यहां तक ​​कि लुंगी, लिजर्ड, गिडियन, कोडी जैसे दूसरे खिलाड़ियों से भी, जो चोट से उबर रहे थे. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनके पास थोड़ा समय था. मुझे चिंता थी कि क्या वे समय पर ठीक हो पाएंगे क्योंकि एक फ्रेंचाइजी में, लीग में, अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को फिट रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी बहुत कम मिलते हैं. ’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP