How much loss Pakistan face if exit t20 world cup: पाकिस्तान क्रिकेट टीम अगर टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होती है तो उसे करीब 366 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है.
नई दिल्ली: बांग्लादेश के आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद अब पाकिस्तान की नौटंकी शुरू हो गई है. जैसे ही ये आधिकारिक हुआ कि बांग्लादेश टी20 विश्व कप में नहीं खेलेगी, उसके कुछ ही देर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नकवी ने बांग्लादेश के फैसले के साथ खड़े रहने की बात की और ये भी कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहे हैं. पीएम अगर कहेंगे टी20 विश्व कप में नहीं खेलना है तो फिर ऐसा ही होगा.
इससे साफ हो गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम लेकर टी20 विश्व कप में खेलने पर संश्य बना हुआ है. ऐसा इसलिए भी कि पाकिस्तान ने अभी तक अपने स्क्वाड की घोषणा नहीं की है, लेकिन पाकिस्तान इस तरह की बेवकूफी करता है तो फिर उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. पाकिस्तानी टीम को इसका इतना बड़ा नुकसान होगा कि वह विश्व क्रिकेट में कई साल पीछे जा सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं अगर पाकिस्तान टी20 विश्व कप से बाहर हुई तो फिर उसे कितना और क्या-क्या नुकसान झेलना पड़ सकता है.
विश्व कप नहीं खेलने पर पाकिस्तान को क्या नुकसान होगा?
आईसीसी टी20 विश्व कप में अगर पाकिस्तान की टीम हिस्सा नहीं लेती है तो लगभग 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा का उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है, जो भारतीय करेंसी में करीब 366 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. बता दें कि पीसीबी अपनी सालाना इनकम का एक बड़ा हिस्सा आईसीसी से हासिल करता है. ऐसे में अगर पीसीबी टूर्नामेंट से हटता है तो आईसीसी से मिलने वाली रकम पर ब्रेक लगना तय है. सिर्फ इतना ही नहीं, पीसीबी के टूर्नामेंट से हटने पर पाकिस्तान आईसीसी के एग्रीमेंट का भी उल्लंघन करेगा. इसके कारण पाकिस्तान को स्पॉन्सरशिप से मिलने वाली रकम भी रुक जाएगी, जो करोड़ में है.
पाकिस्तान पर लग सकता है बैन
आर्थिक नुकसान के अलावा पाकिस्तान पर बैन भी लग सकता है. क्योंकि टूर्नामेंट से बाहर होने पर ये आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना जाएगा. इससे आईसीसी के पास अधिकार है कि वह पाकिस्तान पर भारी जुर्माना भी लगा सकता है. इसके अलावा पाकिस्तान पर भविष्य के आईसीसी इवेंट में भाग लेने पर रोक लगाया जा सकता है. टी20 विश्व कप के बहिष्कार से एशियाई क्रिकेट परिषद और आईसीसी के भीतर पीसीबी की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिससे संभावित रूप से उनके वार्षिक रेवेन्यू के हिस्से पर असर पड़ सकता है.
टूर्नामेंट के रंग में पड़ेगा भंग
आईसीसी इवेंट में भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के कारण फैंस में गजब उत्साह रहता है. इन दोनों टीमों के बीच मुकाबले की टिकट मिनटों में बिक जाती है. ऐसे में अगर पाकिस्तान टी20 विश्व कप में नहीं खेलता है तो टूर्नामेंट का रंग फीका पड़ जाएगा. सिर्फ इतना ही नहीं, भारत-पाकिस्तान के मैच नहीं होने से दोनों क्रिकेट बोर्ड को भी भारी नुकसान होगा. आईसीसी इवेंट से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा भारत-पाकिस्तान के मैच से आता है. इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान दोनों ही देशों के ब्रॉडकास्टर को करोड़ों का नुकसान होगा, जिसका खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ सकता है.
पाकिस्तान क्यों नहीं करेगा टूर्नामेंट बहिष्कार
पाकिस्तान बेशक बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा है, लेकिन उसके पास ऐसी स्थिति नहीं कि वह टूर्नामेंट का बहिष्कार करे. भारत के साथ ग्रुप ए में शामिल पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलना है जो को-होस्ट है. पाकिस्तान ने खुद श्रीलंका में खेलने का फैसला किया था. चुकी पाकिस्तान ने आईसीसी पहले से ये बात कह दी थी कि वह भारत नहीं आएगी. इसके कारण ही उसके मैच श्रीलंका में रखे गए, लेकिन बांग्लादेश का मामला अलग है. बांग्लादेश एंटी इंडिया मूवमेंट चलाने वाले अधिकारियों की सनक के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुआ है.