Basant Panchami 2026: पंच महामुहूर्त में आज करें मां सरस्वती की आराधना, विवाह से लेकर शिक्षा तक हर कार्य होगा सिद्ध
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Basant Panchami Puja Vidhi: बसंत पंचमी परिवर्तन का एक समय है. इसे महामुहूर्त माना जाता है. जिसमें रंग-बिरंगे रंगों का ज्ञान है. बसंत पंचमी पर वीणा वादिनी मां सरस्वती का पूजा किया जाता है. अलग-अलग शिक्षक संस्थान व बच्चों के द्वारा पूजन किया जाता है. मां के स्तुति व मंत्र के जाप से उन्हें प्रसन्न किया जाता है और सिद्धि की प्राप्ति होती है. जो छात्र है.
बसंत पंचमी पर्व पंच महामुहुर्तों में आता है. यह न सिर्फ मां सरस्वती की आराधना के लिए उत्तम दिन होता है. बल्कि, विवाह, उपनयन, अन्नप्राशन, कर्णवेद या किसी नए काम को करने के लिए शुभ माना जाता है. हिन्दू शास्त्र के अनुसार पूरे साल में सिर्फ पांच ही पंच मुहूर्त है, इनमें वसंत पंचमी एक है. अगर आप भी वसंत पंचमी के अवसर पर पूजन करना चाहते हैं तो माँ के पूजन के लिए ये सबसे बेहतर मुहूर्त है. इनपर पूजन व अर्चन कर सकते हैं और मां से सुख व समृद्धि और ज्ञान के लिए प्रार्थना कर सकते हैं.
विंध्यधाम के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी परिवर्तन का एक समय है. इसे महामुहूर्त माना जाता है. जिसमें रंग-बिरंगे रंगों का ज्ञान है. बसंत पंचमी पर वीणा वादिनी मां सरस्वती का पूजा किया जाता है. अलग-अलग शिक्षक संस्थान व बच्चों के द्वारा पूजन किया जाता है. मां के स्तुति व मंत्र के जाप से उन्हें प्रसन्न किया जाता है और सिद्धि की प्राप्ति होती है. जो छात्र है. वह मां सरस्वती के दरबार में हाजिरी लगाए. विंध्यक्षेत्र में स्वयं मां सरस्वती अष्टभुजा के रूप में विराजमान है. यहां पर भी दर्शन कर सकते हैं और आशीर्वाद ले सकते हैं. मां सरस्वती को सफेद फूल और सफेद वस्त्र चढ़ाने से मां प्रसन्न होती है और भक्तों को मनोवांछित फल देती है. इससे शांति और जीवन में सफलता की प्राप्ति होता है.
पूजन के लिए उत्तम समय
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी पर सबसे शुभ मुहूर्त 7.13 मिनट से 9.40 मिनट तक है. माध्यान में 11.32 से 11.56 तक है. शायकाल में 5.17 मिनट से 7.40 तक है. बसंत पंचमी को सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है. चाहे यज्ञोपवीत करना हो. अन्नप्राशन हो. विवाह हो या शादी तय करना हो. कोई भी मांगलिक काम कर सकते हैं. यह दिन सबसे शुभ माना गया है. पंच महामुहूर्त में बसंत पंचमी को भी माना गया है.
घर पर ऐसे करें पूजन
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि जो छात्र अपने घर में रहकर पूजन करना चाहते हैं. वह अपने घर में पुस्तक व कॉपी को सामने रख लें. मां की तस्वीर लगा लें और कुछ मिष्टान्न आदि ले लें. धूप बत्ती से पुस्तक का पूजन करें. हल्के जल से भगवती को स्नान कराएं. तिलक लगाकर एक घंटे तक पढ़े. छोटे बच्चे मां सरस्वती का नाम जाप करें. ओम सरस्वती नमः का जाप करने से ज्ञान, विद्या व यश में वृद्धि होती है. हर काम बनते हैं. पढ़ाई में उच्च पद मिलते हैं.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें