Cooking with whole coriander। धनिये के डंठल का इस्तेमाल

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Coriander Stems Uses: भारतीय किचन में हरा धनिया ऐसा मसाला है, जिसके बिना खाना अधूरा सा लगता है. चाहे दाल हो, सब्जी हो, चटनी हो या कोई खास डिश, ऊपर से हरा धनिया डालते ही खाने की शक्ल और खुशबू दोनों बदल जाती हैं. हम में से ज्यादातर लोग बाजार से धनिया लाते हैं, उसकी पत्तियां अलग करते हैं और बाकी बचे डंठल व जड़ बिना सोचे समझे कूड़े में फेंक देते हैं. हमें लगता है कि असली काम तो पत्तियों का ही है, बाकी हिस्सा बेकार है, लेकिन क्या हो अगर आपको बताया जाए कि जिस हिस्से को आप कचरा समझ रहे हैं, वही खाने का असली स्वाद लेकर चलता है? मशहूर शेफ रणवीर बरार ने हाल ही में एक सोशल मीडिया वीडियो के जरिए बताया कि धनिये का बड़ा हिस्सा स्वाद के मामले में पत्तियों से कहीं आगे है. उनके मुताबिक, धनिये का करीब 80 फीसदी स्वाद उसके डंठल में और बाकी 20 फीसदी स्वाद उसकी जड़ में छिपा होता है.

यह बात सुनकर कई लोग चौंक जाते हैं, क्योंकि अब तक हमें यही सिखाया गया कि धनिया मतलब सिर्फ पत्ते, अगर आप भी अपने खाने का स्वाद अगले लेवल पर ले जाना चाहते हैं और किचन में बेवजह चीजें बर्बाद नहीं करना चाहते, तो धनिये के हर हिस्से को सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखना बेहद काम का साबित हो सकता है.

स्वाद का असली खेल कहां छिपा है?
-धनिये के पत्ते देखने में जितने सुंदर होते हैं, स्वाद के मामले में उतने ही हल्के होते हैं. इनमें एक फ्रेश और हल्की खुशबू होती है, जो खाने को ताजगी देती है. यही वजह है कि इन्हें अक्सर ऊपर से डालकर गार्निश के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

-वहीं धनिये के डंठल मोटे होते हैं और इन्हीं में असली पंच छिपा होता है. जब ये पकते हैं, तो इनका तेज और गहरा फ्लेवर धीरे-धीरे ग्रेवी में घुल जाता है. यही कारण है कि लंबे समय तक पकने वाली या मीडियम टाइम में बनने वाली डिश में डंठल ज्यादा असर दिखाते हैं.

-धनिये की जड़ सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाने वाला हिस्सा है, जबकि इसमें मिट्टी जैसी गहरी खुशबू और वूडी टेस्ट होता है. यही वजह है कि कई एशियन किचन में जड़ों को खास तौर पर सूप और करी में डाला जाता है.

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धनिये की जड़: लंबी कुकिंग का सही साथी
-अगर आप ऐसी डिश बना रहे हैं, जिसे पकने में अच्छा-खासा वक्त लगता है, जैसे मटन करी, चिकन ग्रेवी या स्लो कुक होने वाली सब्जी, तो धनिये की जड़ बेहतरीन ऑप्शन है. इन्हें अच्छी तरह धोकर हल्का कूट लें और शुरुआत में ही तेल या मसाले के साथ डाल दें.

-जड़ें धीरे-धीरे अपना फ्लेवर छोड़ती हैं और लंबे समय तक पकने पर भी इनका टेस्ट बना रहता है. इससे ग्रेवी में एक अलग गहराई आती है, जो आम तौर पर सिर्फ पत्तों से नहीं मिल पाती.

धनिये के डंठल: रोजमर्रा की सब्जियों का हीरो
-ज्यादातर लोग डंठल काटकर फेंक देते हैं, जबकि यही हिस्सा आपकी दाल, सब्जी और करी का स्वाद कई गुना बढ़ा सकता है, अगर कोई डिश 15 से 20 मिनट में पकती है, तो उसमें डंठल का इस्तेमाल सबसे सही रहता है.

-आप डंठलों को बारीक काटकर प्याज-लहसुन के साथ भून सकते हैं या ग्राइंड करके पेस्ट बना सकते हैं. इससे ग्रेवी में एक दमदार फ्लेवर आता है, जो खाने को ज्यादा रिच बना देता है.

धनिये के पत्ते: आखिर में डालना ही है सही तरीका
-धनिये के पत्ते नाजुक होते हैं और ज्यादा देर पकने पर इनका रंग और खुशबू दोनों खत्म हो जाती हैं. इसलिए इन्हें या तो बिल्कुल आखिर में डालें या फिर सिर्फ ऊपर से सजाने के लिए इस्तेमाल करें.

-चटनी, रायता, सलाद और सूप जैसी चीजों में पत्ते फ्रेशनेस लाने का काम करते हैं. यही वजह है कि इन्हें पकाने के बजाय ताजा ही इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर रहता है.

कम बर्बादी, ज्यादा स्वाद का आसान तरीका
अगर आप हर बार धनिये का पूरा इस्तेमाल करने लगें, तो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि किचन में फेंकने वाली चीजें भी कम होंगी. अगली बार जब धनिया लाएं, तो पत्ते, डंठल और जड़ तीनों को अलग-अलग रखें और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें.

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