Karnataka News: इलाज के बहाने मौत का इंजेक्शन! डॉक्टर ने चाचा-चाची को दी एनेस्थीसिया की हाई डोज, 24 घंटे में ऐसे खुला खूनी राज

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Karnataka News: शिवमोगा में इलाज के बहाने एक आयुर्वेदिक डॉक्टर ने अपने ही चाचा-चाची को एनेस्थीसिया की हाई डोज देकर मार डाला. कर्ज में डूबे आरोपी ने गहनों के लालच में यह साजिश रची. पुलिस ने 24 घंटे में केस सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

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डॉक्टर बना हत्यारा? एनेस्थीसिया देकर चाचा-चाची को मार डाला, ऐसे खुला राजइलाज के बहाने एनेस्थीसिया की ओवरडोज देकर चाचा-चाची की हत्या. (सांकेतिक फोटो Unsplash)

Karnataka News: इलाज पर भरोसा किया रिश्ते पर भी यकीन था. उसी भरोसे ने एक बुजुर्ग दंपती की जान ले ली. कर्नाटक के शिवमोगा जिले से सामने आया यह मामला झकझोरने वाला है. यहां मौत किसी अजनबी के हाथों नहीं, बल्कि परिवार के ही डॉक्टर सदस्य के हाथों हुई. इलाज के नाम पर एनेस्थीसिया का इंजेक्शन. और कुछ ही देर में दो जिंदगियां खत्म. यह कहानी सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि विश्वास के कत्ल की भी है.

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे के भीतर पुलिस ने इस डबल मर्डर की गुत्थी सुलझा ली. शक की सुई रिश्तेदार पर गई. पूछताछ हुई और फिर सामने आया वो सच, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया. चाचा-चाची के सोने के जेवर. कर्ज में डूबा डॉक्टर. और लालच में रची गई एक खौफनाक साजिश. शिवमोगा पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस खौनी राज से पर्दा उठा दिया.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला भद्रावती के भूतानागुड़ी इलाके का है. यहां रहने वाले 75 वर्षीय चंद्रप्पा और उनकी 65 वर्षीय पत्नी जयम्मा अपने घर में मृत पाए गए. चंद्रप्पा VISL से रिटायर्ड कर्मचारी थे. दंपती के तीन बेटे हैं, जो अलग-अलग रहते हैं. 20 जनवरी को जब दोनों की मौत की खबर सामने आई, तो इलाके में हड़कंप मच गया. पुराने टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया.

क्यों बना रिश्तेदार ही कातिल?

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि चंद्रप्पा का भतीजा है. आरोपी की पहचान 44 वर्षीय आयुर्वेदिक डॉक्टर जी. पी. मल्लेश के रूप में हुई. मल्लेश पर भारी कर्ज था. उसने अपने चाचा से पैसे मांगे थे. जब मदद नहीं मिली तो लालच और गुस्से ने मिलकर उसे अपराध की राह पर धकेल दिया. पुलिस के मुताबिक मकसद साफ था घर में रखे कीमती गहनों पर हाथ साफ करना.

कैसे दिया गया मौत का इंजेक्शन?

19 जनवरी की दोपहर मल्लेश चाचा-चाची के घर पहुंचा. हालचाल पूछा उनकी नसों की बीमारी, वैरिकोज वेन्स, के इलाज की पेशकश की. भरोसे में लेकर उसने जनरल एनेस्थीसिया प्रोपोफोल की बेहद ज्यादा मात्रा दे दी. आमतौर पर सर्जरी में इसकी खुराक 1 से 2 मिलीग्राम होती है, लेकिन आरोपी ने दोनों को करीब 50 मिलीग्राम इंजेक्ट कर दिया. इसी हाई डोज से दोनों की मौत हो गई.

जांच में पुलिस को क्या-क्या सुराग मिले

  • घर में जबरन घुसपैठ के कोई निशान नहीं.
  • अलमारी और सामान अस्त-व्यस्त नहीं था.
  • केवल गहने गायब मिले.
  • आरोपी का घर में आना-जाना पहले से था.
  • आर्थिक तंगी और कर्ज का दबाव सामने आया.

24 घंटे में कैसे सुलझी मर्डर मिस्ट्री

शिवमोगा के एसपी बी. निखिल के मुताबिक क्राइम सीन ने साफ इशारा किया कि कातिल घर का जाना-पहचाना है. इसी आधार पर रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू हुई. 20 जनवरी को आरोपी को हिरासत में लिया गया. कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस अब एनेस्थीसिया के स्रोत और चोरी हुए गहनों की रिकवरी में जुटी है.

केस से जुड़े अहम तथ्य

  1. मृतक चंद्रप्पा VISL से रिटायर्ड कर्मचारी थे.
  2. आरोपी डॉक्टर मल्लेश रिश्ते में भतीजा है.
  3. हत्या के लिए प्रोपोफोल एनेस्थीसिया का इस्तेमाल हुआ.
  4. दोनों को 50-50 मिलीग्राम डोज दी गई.
  5. मकसद गहने और आर्थिक लाभ था.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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